पंजाब पुलिस ने अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ISI समर्थित आतंकवादी और सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। यह मॉड्यूल युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के साथ-साथ भारत विरोधी और पुलिस विरोधी प्रचार फैलाने में भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में थाना घरिंडा, अमृतसर ग्रामीण में FIR दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की आगे जांच जारी है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे और कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक AK-47 राइफल, दो मैगजीन और 36 जिंदा बम बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन अत्याधुनिक ग्लॉक 9mm पिस्तौल भी जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह हथियार सीमा पार से तस्करी के जरिए भारत लाए गए थे।
इससे पहले भी पंजाब पुलिस ने आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। 22 फरवरी को काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और एसएएस नगर की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर नालागढ़ पुलिस स्टेशन (हिमाचल प्रदेश) में 1 जनवरी 2026 को हुए आईईडी (आरडीएक्स) विस्फोट के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महावीर दीक्षित काका और मनप्रीत दीक्षित मणि के रूप में हुई थी, जो पंजाब के एसबीएस नगर के रहने वाले हैं। उनके पास से भी एक 9mm ग्लॉक पिस्टल और जिंदा बम बरामद किए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेशी हैंडलरों गोपी नवाशहरिया और जस्सी कुलम के निर्देश पर काम कर रहे थे। दोनों का संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से बताया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर विदेश से आईईडी (आरडीएक्स) और हैंड ग्रेनेड की खेप मंगवाई थी। हथियारों में से एक आईईडी का इस्तेमाल नालागढ़ पुलिस स्टेशन पर हुए विस्फोट में किया गया था।
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में आतंकवाद, अवैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।



