नेपाल में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है। देश की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन राष्ट्र को निर्देशित करते हुए कहा कि हालिया चुनावों में जनता ने बदलाव के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है। अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह निष्पक्ष बालेन देश के नए प्रधानमंत्री बन रहे हैं।

Gen-Z आंदोलन का असर चुनाव में दिखा
कार्की ने अपने संबोधन में कहा कि 5 मार्च को हुए चुनाव के नतीजे Gen-Z आंदोलन की भावना के अनुरूप हैं। इस जनादेश ने यह भी साबित कर दिया कि संविधान के तहत कोई भी पार्टी बहुमत हासिल कर सकती है।

अंतरिम प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके मुख्य उद्देश्य छह महीने के भीतर चुनाव कराना और सत्ता को बहुमत सरकार को सौंपना था, जो अब पूरा हो चुका है। उन्होंने नए नेतृत्व से भ्रष्टाचार खत्म करने और रोजगार बढ़ाने की उम्मीद जताई।

बालेंद्र शाह का रास्ता साफ
RSP की केंद्रीय समिति ने संसदीय से बालेंद्र शाह को संसदीय दल का नेता चुना है, जिससे उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। वह शुक्रवार को राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के उपदेश शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण में होंगे खास धार्मिक अनुष्ठान
शपथ ग्रहण समारोह को खास बनाने के लिए पारंपरिक अनुष्ठानों की भी तैयारी की गई है। इस दौरान 108 ब्राह्मण मंत्रोच्चार करेंगे और 16 बौद्ध भिक्षु भी पूजा में शामिल होंगे।

युवा नेतृत्व से नई उम्मीदें
कार्की ने कहा कि नया युवा नेतृत्व देश में सुशासन, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने जनता से एकजुट होकर देश के विकास में योगदान देने की अपील की।

कुल मिलाकर, नेपाल में यह सत्ता परिवर्तन Gen-Z आंदोलन के बाद आए बदलाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजरें नए प्रधानमंत्री बलेन शाह पर टिकी हैं, उनसे देश में नई दिशा और गति की उम्मीद की जा रही है।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, लेकिन फिर भी कीमतें जस की तस, जनता को राहत नहीं

शेयर करना
Exit mobile version