नेपाल में 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। काठमांडू घाटी के बाहर खासकर नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाकों में 11,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशनों पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इन चुनावों के लिए लगभग 3 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें पुलिस, सेना, चुनाव पुलिस और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं।

बता दें, नेपाल पुलिस अकादमी से 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी चुनाव की सुरक्षा के लिए रवाना हो चुके हैं। ये सुरक्षाकर्मी मोरंग, धनकुटा, उदयपुर, संखुवासभा, तेरहथुम, सिराहा, परसा, सप्तरी, सरलाही और रौतहट जिलों में तैनात किए जाएंगे। नेपाल पुलिस के सेंट्रल स्पोक्सपर्सन अभिनारायण काफले ने इसकी पुष्टि की है कि सुरक्षा बलों की तैनाती करनाली को छोड़कर बाकी छह प्रोविंस में की जा रही है।

बता दें, नेपाल आर्मी को भी चुनाव सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। सेना की तैनाती एयरपोर्ट, जेल और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस की जगह पर की जाएगी। इसके अलावा, सेना चुनाव के समय तीसरी सुरक्षा परत के तौर पर पेट्रोलिंग भी करेगी और आवश्यकतानुसार अन्य सहायता प्रदान करेगा।

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, इस बार कुल 10,967 पोलिंग स्टेशनों में से 3,680 को “बहुत ज्यादा सेंसिटिव” घोषित किया गया है। इससे पहले 2022 के चुनाव में 3,412 पोलिंग स्टेशनों को यह श्रेणी दी गई थी, लेकिन इस बार 268 अधिक पोलिंग स्टेशन को “बहुत ज्यादा सेंसिटिव” घोषित किया गया है।

बता दें, इन चुनावों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है, खासकर Gen-Z विद्रोह के बाद हो रहे पहले चुनावों में। इस विद्रोह के कारण पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। इन चुनावों को लेकर अधिकारियों द्वारा बनाए गए सुरक्षा उपायों के तहत 338,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जा रहा है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

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