Bihar: पश्चिम चंपारण जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समाज सुधार यात्रा’ के दौरान वाल्मीकिनगर का नाम शामिल नहीं किया गया, जिसे लेकर अब राजनीति गर्मा गई है। यह यात्रा बिहार के विभिन्न जिलों में चल रही है, लेकिन वाल्मीकिनगर को छोड़ दिया गया है, जो क्षेत्रीय राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है।

बता दें, वाल्मीकिनगर जो पहले से ही राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इलाका है, इस बार यात्रा के मार्ग से बाहर रहने से वहां के लोगों में असंतोष और सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम मुख्यमंत्री की राजनीति में संभावित असहमति और चुनावी रणनीतियों के चलते उठाया गया हो सकता है।

वाल्मीकिनगर क्षेत्र से जुड़े नेताओं और समाजिक कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है और इसे भेदभावपूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र को नजरअंदाज करना मुख्यमंत्री की नीतियों के प्रति विरोधी रुख को दिखाता है।

वहीं, इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के मार्ग का निर्धारण विभिन्न प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से किया गया था। हालांकि, इससे राजनैतिक माहौल में उथल-पुथल मची हुई है, और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी हो सकती है।

बता दें, बिहार की राजनीति में ऐसे घटनाक्रमों का असर आगामी विधानसभा चुनावों में भी दिख सकता है, और यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मुद्दे को कैसे संभालते हैं।

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