हमारी रोज़ाना की दिनचर्या में डाइट, एक्सरसाइज, और स्टेप काउंट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, लेकिन एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। और वह है नींद। हाल ही में हुए शोध में यह सामने आया है कि नींद की कमी से शरीर और दिमाग पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, जो जीवन को खतरे में डाल सकता है।

नींद की कमी का प्रभाव

अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital) के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार (Dr. Sudhir Kumar) के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को लगातार 6 घंटे से कम नींद आती है, तो यह जल्दी मौत का एक प्रमुख कारण बन सकती है। यह खतरा खराब खानपान (poor diet) या शारीरिक गतिविधि की कमी (lack of physical activity) से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है।

नींद में दिमाग की सफाई

नींद के दौरान दिमाग को आराम मिलता है, लेकिन यह सिर्फ आराम नहीं है। नींद के दौरान दिमाग का ‘वेस्ट क्लीयरेंस सिस्टम’ (Waste Clearance System) सक्रिय होता है, जिसे गलिम्फैटिक सिस्टम (Glymphatic System) कहा जाता है। यह सिस्टम दिमाग से बीटा-एमिलॉयड (Beta-Amyloid) जैसे न्यूरोटॉक्सिन्स (Neurotoxins) को बाहर निकालता है। अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह सफाई प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, जिससे दिमाग में गंदगी इकट्ठी हो जाती है। यह दिमागी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है।

नींद की कमी के तीन प्रमुख खतरे

  1. मेटाबॉलिक खतरे: नींद की कमी से कोर्टिसोल (Cortisol), जो कि एक स्ट्रेस हार्मोन (stress hormone) है, और घ्रेलिन (Ghrelin), जो भूख बढ़ाने वाला हार्मोन है, का स्तर बढ़ जाता है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) और मोटापे का खतरा बढ़ता है।
  2. कार्डियोवैस्कुलर खतरे: आमतौर पर रात में ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) कम होना चाहिए, लेकिन नींद की कमी से यह कम नहीं हो पाता, जिससे दिल पर दबाव (Heart Pressure) बढ़ जाता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
  3. न्यूरोलॉजिकल खतरे: नींद की कमी से दिमाग की कार्यक्षमता घटती है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता (Thinking Ability) प्रभावित होती है। यह स्ट्रोक (Stroke) और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि नींद के कर्ज (Sleep Debt) को फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) या स्वस्थ डाइट (Healthy Diet) से नहीं चुकाया जा सकता। अगर आप कम सो रहे हैं, तो जिम में पसीना बहाने या सलाद खाने से नींद की कमी का असर दूर नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी नींद साइकिल (Sleep Cycle) को ठीक करें और पर्याप्त नींद

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