पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी दलों के प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर-शोर से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इसी बीच बिधाननगर सीट से बीजेपी उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी का प्रचार चर्चा का विषय बन गया। शारद्वत मुखर्जी नवरात्रि के दौरान मछली हाथ में लेकर जनता के बीच पहुंचे और वोट मांगे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला।
शारद्वत मुखर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी का यह बयान याद है कि “अगर बीजेपी सत्ता में आई तो मांसाहारियों का जीवन बर्बाद हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में बीजेपी लगातार एक दशक से सत्ता में है और वहां की 95 प्रतिशत आबादी बंगाली है। इसलिए उन्होंने मछली खरीदकर चुनाव प्रचार की शुरुआत की। उनका कहना था कि बंगाल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मछली से ही की जाती है।
जब उनसे पूछा गया कि नवरात्रि के दौरान मछली के साथ चुनाव प्रचार करना सही है या गलत, तो उन्होंने कहा कि बंगाल में लोग नवरात्रि में भी मछली खाते हैं। यहां के सभी समुदाय मांसाहारी हैं और खान-पान की आदतें प्रत्येक व्यक्ति की अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर वे जीतते हैं, तो विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य मांसाहारी व्यंजन बांटे जाएंगे।
बीजेपी उम्मीदवार ने कहा कि विधानसभा में मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर और उनके भतीजे तक मछली भेजने की योजना बनाई गई है, ताकि उन्हें भी मांसाहारी व्यंजन का स्वाद मिले। मुखर्जी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ममता बनर्जी थोड़ी दुबली हो गई हैं, इसलिए उन्हें और मछली खिलाने की जरूरत है।
शारद्वत मुखर्जी ने बिहार में नवरात्रि के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की ओर से मछली प्रदर्शित करने पर विवाद के सवाल पर कहा कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग खान-पान की आदतें होती हैं। दक्षिण भारत में खट्टा खाने पर रोक लगाने की कोशिश करना सही नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मांसाहारी भोजन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और इस पर उनका समर्थन रहेगा।
इस अनोखे प्रचार ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को नया रंग दे दिया है। सोशल मीडिया पर मुखर्जी के इस अनूठे प्रचार की खूब चर्चा हो रही है और राजनीतिक विशेषज्ञ इसे जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की रणनीति बता रहे हैं।



