उत्तर-प्रदेश: हिंदू धर्म को लगातार टारगेट कर युवतियों को प्रेम के जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले में गिरफ्तार बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और उनकी सहयोगी नसरीन उर्फ नीतू की रिमांड अवधि बुधवार शाम को समाप्त हो गई। एटीएस ने दोनों आरोपियों को एक सप्ताह की रिमांड अवधि के बाद एनआईए की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।

बता दें, इस दौरान एटीएस को छांगुर और नीतू के खिलाफ कई अहम जानकारियां प्राप्त हुईं। जांच में अब तक 106 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग और 70 से ज्यादा बैंक खातों का खुलासा हुआ है। इन खातों की गहनता से जांच पड़ताल चल रही है।

वहीं, अधिकारियों का कहना है कि छांगुर और नीतू उर्फ नसरीन पर बलरामपुर और आसपास के क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन के संगठित गिरोह के संचालन का आरोप है। एटीएस ने रिमांड के दौरान छांगुर के कई ठिकानों की जांच की और उसके अवैध कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ भी एकत्र किए।

बता दें, जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को लेकर पुलिस का मानना है कि वह इस गिरोह का सरगना है, जो हिंदू युवतियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराता था। एटीएस की पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

वहीं, रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद दोनों को लखनऊ के जिला कारागार में भेज दिया गया। जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों को जेल में अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। दिलचस्प बात यह है कि नीतू उर्फ नसरीन का पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन भी उसी जेल में बंद है। साथ ही पुलिस इस धर्म परिवर्तन के गिरोह के अन्य लोगों का पता लगा रही और कहा कि अगर इसमें कोई और भी आगे सम्मिलित पाया जाएगा इन लोगों की तरह उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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