दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर-स्टेट सेल (ISC) ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पायरेटेड किताबों की गैर-कानूनी प्रिंटिंग और बिक्री में कथित रूप से शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ज्वाला प्रसाद के रूप में हुई है, जो इस रैकेट का अहम हिस्सा था। इस ऑपरेशन में एक बड़े पायरेसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो कॉपीराइट वाली किताबों की बिना अनुमति के प्रिंटिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन कर रहा था।

पायरेटेड किताबों की ज़ब्ती

14 मार्च को प्राप्त शिकायत के आधार पर, पुलिस ने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस रमेश चंद्र लांबा की देखरेख में एक रेडिंग टीम का गठन किया। इंस्पेक्टर सतेंद्र पूनिया और सोहन लाल की लीडरशिप में की गई छापेमारी में सेक्टर-16, रोहिणी, दिल्ली में पेंगुइन रैंडम हाउस के ऑथराइज़्ड रिप्रेजेंटेटिव के साथ मिलकर कार्रवाई की गई। इस रेड के दौरान 8,593 पायरेटेड किताबें बरामद की गईं।

अग्रिम छापेमारी और प्रिंटिंग मशीनें ज़ब्त

जांच के दौरान, पुलिस ने पास की एक जगह पर और एक रेड की, जिसमें 11,544 पायरेटेड किताबें बरामद की गईं, जिससे कुल ज़ब्त की गई किताबों की संख्या 20,137 से ज्यादा हो गई। इसके अलावा, पुलिस ने आनंद पर्वत इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक प्रेस से दो प्रिंटिंग मशीनें, चार पायरेटेड किताबों के नेगेटिव और कॉपीराइटेड सामग्री की रीप्रोडक्शन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बारह प्रिंटिंग प्लेटें बरामद की।

आरोपी की गिरफ्तारी और आगामी जांच

आरोपी ने शुरू में प्रिंटिंग के सोर्स के बारे में गलत जानकारी देकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की लगातार पूछताछ और कस्टडी रिमांड के दौरान सच्चाई सामने आई। जांच में यह साबित हो गया कि आरोपी पायरेसी के काम में पूरी तरह से शामिल था, जिसमें पायरेटेड किताबों की गैर-कानूनी छपाई और वितरण शामिल है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और पायरेसी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।

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