BJP ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गांधी परिवार को कथित तौर पर 1000 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि रेड्डी ने यह रकम गांधी परिवार की “फाइनेंशियल ज़रूरतों” को पूरा करने के लिए देने की बात की। बीजेपी प्रवक्ता एनवी सुभाष ने इस संबंध में एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें रेवंत रेड्डी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “अगर गांधी परिवार को फाइनेंशियल ज़रूरतें हैं, तो तेलंगाना के लोग 1000 करोड़ रुपये दे सकते हैं।”
सुभाष ने रेड्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य के पब्लिक फंड्स को गांधी परिवार की मदद में लगाने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना अब “10 जनपथ का ATM” बन गया है, जो कि कांग्रेस के पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी का घर है। बीजेपी नेता ने आगे कहा, “जब तेलंगाना के युवा DSC नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं और किसान ऋतु भरोसा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब सीएम गांधी परिवार की ‘फाइनेंशियल ज़रूरतों’ के लिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का दावा कर रहे हैं। क्या तेलंगाना की मेहनत की कमाई जनता की भलाई के लिए है, या दिल्ली में एक खानदान की सेवा के लिए?”
सुभाष ने यह भी पूछा कि क्या तेलंगाना एक विकसित राज्य बनेगा या फिर यह सिर्फ़ 10 जनपथ का ATM बनकर रह जाएगा। उन्होंने कहा, “लोगों को ऐसी सरकार मिलनी चाहिए जो उनकी ज़रूरतों को प्राथमिकता दे, न कि हाईकमान की।”
बीजेपी के IT डिपार्टमेंट के इंचार्ज अमित मालवीय ने भी रेवंत रेड्डी और कांग्रेस को निशाने पर लिया। मालवीय ने X पर लिखा, “तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी का चौंकाने वाला बयान! जब तेलंगाना के युवा DSC नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं और किसान ऋतु भरोसा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब मुख्यमंत्री गांधी परिवार की ‘फाइनेंशियल ज़रूरतों’ के लिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का दावा कर रहे हैं।”
मालवीय ने आगे कहा, “कुछ समय पहले, रेवंत रेड्डी ने कहा था कि उनके पास लोन चुकाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पैसे नहीं हैं। क्या तेलंगाना की मेहनत की कमाई जनता की भलाई के लिए है या फिर दिल्ली के एक परिवार की सेवा के लिए? क्या तेलंगाना एक विकसित राज्य बनेगा, या सिर्फ़ 10 जनपथ का ATM रहेगा?”
BJP ने रेवंत रेड्डी के बयान को लेकर कांग्रेस और तेलंगाना सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि तेलंगाना का पैसा गांधी परिवार की सेवा में जा रहा है, जबकि राज्य की असल जरूरतें नजरअंदाज हो रही हैं।



