भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बेहद तेज हो गई है। भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने फरार मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर मिलने वाले कैश इनाम की राशि को बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया है। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ज़ोन 02) द्वारा घोषित 10,000 रुपये के इनाम को रद्द कर दिया गया है। आरोपी समर्थ सिंह कटारा हिल्स थाने में दर्ज दहेज हत्या और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड है।
BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज, LOC की तैयारी
पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरोपी समर्थ सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, और 3(5) के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी की धरपकड़ के लिए छह विशेष टीमें सक्रिय रूप से छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही, आरोपी के देश से बाहर भागने की आशंका को देखते हुए जल्द ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कराने की कानूनी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक एसआईटी (SIT) का भी गठन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिया न्याय का भरोसा
इस बीच, मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य मंत्रालय में ट्विशा शर्मा के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सीएम यादव ने पीड़ित के पिता नवनिधि शर्मा और परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और हर मुमकिन मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की सीबीआई (CBI) जांच के लिए जल्द ही एक सिफारिशी पत्र भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि शव के दोबारा पोस्टमार्टम (सेकंड ऑटोप्सी) की मांग पर आखिरी फैसला अदालत करेगी, लेकिन यदि परिवार पार्थिव शरीर को आगे की जांच के लिए एम्स (AIIMS) दिल्ली ले जाना चाहता है, तो राज्य सरकार इसके लिए पूरी परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) सुविधा मुफ्त मुहैया कराएगी। इससे पहले मृतका के पिता ने आरोप लगाया था कि स्थानीय तंत्र आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके बाद सरकार ने इस मामले में सीधा संज्ञान लिया है।












