तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी के दौर में आईटी और टेक कंपनियों में करियर के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भविष्य बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी टेक कंपनियों के अनुभवी नेताओं की सलाह बेहद अहम साबित हो सकती है। हाल ही में आसन के नए सीईओ डैन रोजर्स ने टेक इंडस्ट्री में नौकरी पाने के लिए जरूरी कौशल और अनुभव को लेकर अहम सुझाव दिए हैं।
डैन रोजर्स का कहना है कि आज की Gen-Z के लिए टेक कंपनियों में काम करने के अवसर पहले की तुलना में कहीं ज्यादा खुले हैं। उनका कहना है कि सही कौशल और अनुभव के साथ युवा सिलिकॉन वैली या दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में अपनी जगह बना सकते हैं।
रोजर्स का खुद का अनुभव भी बेहद मजबूत रहा है। वह इससे पहले Microsoft, Dell, Amazon Web Services (AWS), Salesforce और ServiceNow जैसी दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके हैं। टेक इंडस्ट्री में उनके लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने युवाओं को करियर को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है। टेक कंपनियां ऐसे लाभार्थियों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास मजबूत टेक्निकल स्किल्स, प्रैक्टिकल नॉलेज और प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव हो। ये स्किल्स किसी भी उम्मीदवार को भीड़ से अलग पहचान दिलाने में मदद करती हैं।
डैन रोजर्स के अनुसार युवाओं को अपने करियर की शुरुआत छोटे स्तर से करने से घबराना नहीं चाहिए। कई लोग सीधे बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन बेहतर रणनीति यह है कि पहले छोटी या मिड-लेवल कंपनियों में काम करके अनुभव हासिल किया जाए। इससे व्यक्ति को अलग-अलग संस्थाओं में काम करने का मौका मिलता है और उसकी प्रोफेशनल समझ भी मजबूत होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि आज कई बड़ी टेक कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में AI आधारित सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में लाभार्थियों का प्लेसमेंट और प्रोफाइल इतना मजबूत होना चाहिए कि वह इन सिस्टम्स की जांच में भी बेहतर साबित हो सके। इसलिए युवाओं को अपने प्रोफाइल में ऐसे प्रोजेक्ट्स और स्किल्स शामिल करने चाहिए जो उनकी वास्तविक क्षमता को रेखांकित करें।
रोजर्स का सर्वे है कि छोटी कंपनियों से शुरुआत करके बड़ी टेक कंपनियों तक पहुंचने में समय जरूर लगता है, लेकिन लगातार मेहनत और सीखने की आदत इस रास्ते को आसान बना देती है। अगर कोई व्यक्ति लगातार अपने कौशल को बेहतर बनाता रहे तो उसे आगे बढ़ने वाले बड़े अवसर जरूर मिलते हैं।
उन्होंने युवाओं को यह भी सलाह दी कि किसी भी नई कौशल को सीखने में समय और धैर्य दोनों की जरूरत होती है। अगर कम उम्र से ही सीखने और खुद को बेहतर बनाने की आदत विकसित कर ली जाए तो आगे बढ़ने वाले अच्छे पद और बेहतर वेतन के अवसर अपने आप मिलने लगते हैं।














