आज 8 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित बमबारी को दो हफ्तों तक टालने और दो-तरफा संघर्षविराम (Double-Sided Ceasefire) के प्रस्ताव के बाद ग्लोबल मार्केट्स में हलचल मच गई है। इससे पहले, ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक इस हमले की समय सीमा तय करते हुए ईरान को गंभीर चेतावनी दी थी।
कच्चे तेल का भाव कितना गिरा?
ट्रंप के संघर्षविराम के ऐलान के बाद आज ग्लोबल मार्केट्स में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत 17 प्रतिशत गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी लगभग 16 प्रतिशत घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
ट्रंप का ऐलान और ईरान पर दबाव
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह घोषणा की कि यह ‘दो-तरफा’ युद्धविराम होगा, जिसकी शर्त यह है कि ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से फिर से खोलने पर सहमत हो। होर्मुज जलडमरूमध्य का लगभग बंद हो जाना वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता का कारण बना था, क्योंकि इसी मार्ग से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा की आपूर्ति होती है। ट्रंप के इस ऐलान से वैश्विक ऊर्जा बाजार में युद्ध के जोखिम में कमी आने की उम्मीद है, जिससे ‘वॉर प्रीमियम’ घटा है और कीमतों में गिरावट आई है।
क्या बाजार में स्थिरता आएगी?
वेस्टपैक बैंकिंग कॉर्प के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख रॉबर्ट रेनी ने कहा, “सिस्टम को ठीक होने में लंबा समय लगेगा। बंद पड़े कुओं को फिर से चालू करने, क्रू और जहाजों को उनकी जगह पर वापस लाने, और रिफाइनरी के स्टॉक को फिर से भरने में कई महीने लग सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यह मानते हुए कि संघर्षविराम हो भी जाता है, तो भी निकट भविष्य में ब्रेंट क्रूड का भाव $90–$95 से नीचे टिक पाना मुश्किल लगता है।”















