पटना/गोपालगंज। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर गहरा गई हैं। गोपालगंज में हथियार लहराने और अश्लील नृत्य के कथित वायरल वीडियो मामले में शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी।
20 मई को अगली सुनवाई
जिला जज राजेंद्र पांडेय की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 मई निर्धारित कर दी है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जोरदार दलील रखी कि वायरल वीडियो में अनंत सिंह की कोई संलिप्तता सिद्ध नहीं होती है और यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और उसमें कहीं भी अश्लीलता या मुजरा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि यह विवाद गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव से शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, 2 मई को अनंत सिंह वहां एक जनेऊ समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से हथियारों का प्रदर्शन और अश्लील नृत्य हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले का संज्ञान लेते हुए गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने वायरल वीडियो के सत्यापन के बाद सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात मीरगंज थाना में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई। पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह समेत कुल 9 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, जबकि वीडियो में दिख रहे अन्य अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है। अदालत के मौजूदा रुख के बाद यह तय है कि विधायक पर कानूनी शिकंजा और कसेगा।











