Gujarat: जामनगर की ऐतिहासिक धरोहर ‘भुजिया कोठा’ एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 19 मार्च 2026 से यह 174 साल पुरानी इमारत आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। कभी सौराष्ट्र की सबसे ऊंची इमारत मानी जाने वाली इस ऐतिहासिक संरचना का क्षेत्रीय इतिहास में विशेष महत्व रहा है।
बता दें, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में भुजिया कोठा के पुनरुद्धार का कार्य भी पूरा किया गया है।
बता दें, साल 2001 के भूकंप में इस ऐतिहासिक इमारत को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद जामनगर नगर निगम ने ‘स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना’ के तहत करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से इसके रेस्टोरेशन और कंजर्वेशन का काम शुरू किया।
इस परियोजना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सहयोग से पूरा किया गया। इसके पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 सितंबर 2025 को किया था।
बता दें, भुजिया कोठा का निर्माण 1839 से 1852 के बीच हुआ था। उस समय इसका उपयोग सुरक्षा और संचार के लिए किया जाता था। इस इमारत की खासियत इसकी पारंपरिक वास्तुकला, सुंदर खिड़कियां, मेहराबें और कलात्मक डिजाइन हैं।
बता दें, रेस्टोरेशन के दौरान इसे उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए पारंपरिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। निर्माण में चूना, मुल्तानी मिट्टी, गुगल, गोखरू, अरीठा और सिंदूर जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया, जिससे इसकी ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जा सके।
परियोजना के दूसरे चरण में भुजिया कोठा को खंभालिया गेट, रणमल झील और लखोटा म्यूजियम से जोड़ते हुए एक हेरिटेज चेन विकसित की जा रही है। भविष्य में इन सभी स्थलों पर एक ही एंट्री पॉइंट से पहुंचने की सुविधा दी जाएगी।
भुजिया कोठा का दोबारा खुलना न केवल जामनगर बल्कि पूरे गुजरात के पर्यटन को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।














