नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। देवी दुर्गा के भक्तों के लिए यह नौ दिन बेहद खास होते हैं, जब मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखकर शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का प्रयास करते हैं।
नवरात्रि में जहां पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है, वहीं व्रत के दौरान खानपान का भी खास ध्यान रखना जरूरी होता है। सही आहार न केवल ऊर्जा देता है, बल्कि पूरे दिन भक्ति भाव बनाए रखने में भी मदद करता है।
नवरात्रि व्रत में क्या खाएं?
नवरात्रि के व्रत में दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों का सेवन किया जा सकता है, जो शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम प्रदान करते हैं। इसके अलावा केला, सेब, अनार और पपीता जैसे फल खाने से शरीर को विटामिन और प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है।
सामा के चावल व्रत के दौरान एक अच्छा विकल्प हैं, जिनमें फाइबर अधिक होता है और यह लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं। वहीं सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें भी ऊर्जा देने में सहायक होती हैं।
नवरात्रि में क्या न खाएं?
व्रत के दौरान गेहूं और चावल जैसे अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही तले हुए खाद्य पदार्थ, पैकेट फूड और अधिक मीठी चीजों से दूरी बनाकर रखना जरूरी है।
प्याज और लहसुन का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। इसके अलावा तामसिक भोजन से भी बचना चाहिए, जिससे व्रत की पवित्रता बनी रहे।
नवरात्रि व्रत के जरूरी नियम
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और अखंड ज्योति जलाना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखना चाहिए और पूरे नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करनी चाहिए।
इस दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ, ब्रह्मचर्य का पालन और अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। व्रत का पारण नवमी के बाद दशमी तिथि में किया जाता है।
चैत्र नवरात्रि का यह पर्व भक्ति, अनुशासन और आस्था का प्रतीक है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करता है।



