हेल्थ डेस्क : नई रिसर्च में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज़ेक्सैंथिन (Zeaxanthin), जो आमतौर पर आंखों की सेहत के लिए जाना जाने वाला एक प्लांट-बेस्ड कंपाउंड है, कैंसर से लड़ने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

यह अध्ययन प्रतिष्ठित जर्नल Cell Reports Medicine में प्रकाशित हुआ है। रिसर्च के अनुसार ज़ेक्सैंथिन इम्यून सिस्टम की महत्वपूर्ण कोशिकाओं, खासकर CD8+ T सेल्स, की गतिविधि को बढ़ाकर शरीर की कैंसर-रोधी क्षमता को मजबूत कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि यह कंपाउंड T-सेल रिसेप्टर (TCR) सिग्नलिंग को बेहतर बनाता है, जिससे इम्यून सेल्स कैंसर कोशिकाओं को अधिक प्रभावी तरीके से पहचानकर नष्ट कर पाते हैं। प्रयोगशाला और पशु परीक्षणों में देखा गया कि ज़ेक्सैंथिन ट्यूमर की वृद्धि को धीमा कर सकता है और इम्यूनोथेरेपी के असर को भी बढ़ा सकता है।

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक जिंग चेन ने कहा कि यह खोज बेहद आश्चर्यजनक है, क्योंकि ज़ेक्सैंथिन पहले केवल आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह कैंसर इम्यूनिटी को मजबूत करने में भी संभावित भूमिका निभाता दिख रहा है।

शोध में यह भी पाया गया कि जब ज़ेक्सैंथिन को आधुनिक कैंसर इम्यूनोथेरेपी दवाओं के साथ मिलाया गया, तो शरीर की एंटी-ट्यूमर प्रतिक्रिया और अधिक प्रभावी हो गई। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सप्लीमेंट भविष्य में कैंसर इलाज के सहायक विकल्प के रूप में उपयोगी हो सकता है।

ज़ेक्सैंथिन प्राकृतिक रूप से पालक, केल और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है और इसे पहले से ही एक सुरक्षित डाइटरी सप्लीमेंट माना जाता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन अभी शुरुआती चरण में है और मानव क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।

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