जम्मू-कश्मीर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़े कदम के तहत क्रॉस-LOC नार्को-आतंकी मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। यह मामला जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और ड्रग तस्करी के बढ़ते गठजोड़ से जुड़ा हुआ है।

बता दें, सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने यह वारंट आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ जारी किए हैं। यह कार्रवाई एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग-आतंकी नेटवर्क को नष्ट करने के उद्देश्य से की गई है, जो पाकिस्तान के आतंकवादियों के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर में हिंसा फैलाने और युवाओं को नशीले पदार्थों का व्यापार करने के लिए उकसा रहा था।

बता दें, सोपोर के निवासी इम्तियाज अहमद कंडू और मंजूर अहमद खान के खिलाफ जारी किया गया है। कोर्ट ने एसआइए कश्मीर की ओर से दायर आवेदन पर की, जिसमें पता चला कि दोनों आरोपी काफ़ी समय से फरार हैं और गिरफ्तारी से बच रहे हैं।यह मामला कश्मीर से संबंधित है।

बता दें, क्रॉस-LOC नार्को-आतंकी मामला जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा ड्रग तस्करी को फंडिंग के रूप में इस्तेमाल किए जाने का एक प्रमुख उदाहरण है। यह मामला उन आतंकवादियों से जुड़ा है, जो पाकिस्तान के जरिए सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी कर रहे हैं। एनआईए ने इस नेटवर्क के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है, और अब वे उन व्यक्तियों को पकड़ने में जुटी हुई है जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।

वहीं एनआईए की टीम अब इन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है। इन अभियुक्तों को पाकिस्तान से सक्रिय आतंकवादी संगठनों के कनेक्शन के कारण गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। एनआईए द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट से यह स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में कोई भी आरोपी बचने से नहीं बच सकता।

एनआईए ने इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है, ताकि आतंकवाद और ड्रग तस्करी को समाप्त किया जा सके और जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित हो सके।

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