अमेरिका और ईरान के बीच पांच हफ्तों से जारी तनावपूर्ण संघर्ष के बाद, 8 अप्रैल को राहत की खबर सामने आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह तक हमले रोकने की घोषणा की। ट्रंप ने इसे दो-तरफा युद्धविराम (Ceasefire) करार दिया और यह शर्त रखी कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलेगा। इस घोषणा के कुछ समय बाद, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) ने भी युद्धविराम पर सहमति जताई और इसे अमेरिका की हार के रूप में देखा।
ईरान ने बताया बड़ी जीत, 10-सूत्रीय योजना पर सहमति
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “हमें ईरान से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है और हमारा मानना है कि यह बातचीत शुरू करने के लिए एक व्यवहारिक आधार है।” ईरान ने इस पर अपनी बड़ी जीत की घोषणा की और कहा कि अमेरिका को अपनी 10 सूत्रीय योजना को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का बयान प्रकाशित किया, जिसमें इसे एक ‘महान जीत’ बताया गया।
ईरान की शर्तें: युद्ध का अंत और अमेरिका की वापसी
ईरान ने इस संघर्ष को खत्म करने की शर्तों के रूप में अमेरिका के सामने 10 बड़ी मांगें रखी हैं। भारत में ईरान के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस संबंध में एक बड़ा बयान सामने आया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने युद्ध शुरू किया था, लेकिन अब इसे खत्म करने की शर्तें ईरान तय करेगा।
ईरान की 10 सूत्रीय मांगें:
- अमेरिका भविष्य में दोबारा हमला न करने की गारंटी देगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रहेगा।
- ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार किया जाएगा।
- सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाया जाएगा।
- सभी द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाया जाएगा।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म किया जाएगा।
- ईरान को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
- क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी।
- लेबनान में इस्लामी प्रतिरोध (हिजबुल्लाह) समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति।















