भारत में घर खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल घरेलू आय में बढ़ोतरी प्रॉपर्टी की कीमतों से ज्यादा रहने की उम्मीद है, जिससे हाउसिंग अफोर्ड कीमतों में सुधार होगा।
CBRE ग्रुप की हाउसिंग अफोर्ड कीमतों रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 के बाद पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब लोगों की आय की बढ़ोतरी प्रॉपर्टी कीमतों की बढ़ोतरी से आगे निकल सकती है। इससे EMI और आय के बीच बैलेंस बेहतर होगा और होमबायर्स पर फाइनेंशियल प्रेशर कम पड़ेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि EMI-टू-इनकम रेश्यो 2028 तक स्थिर रहने की संभावना है, जो पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ रहा था। ब्याज दरों में बढ़ोतरी और प्रॉपर्टी कीमतों में तेजी से पहले लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल बना दिया था, लेकिन अब हालात बदल नजर आ रहे हैं।
CBRE के डिपार्टमेंट और CEO अंशुमान मैगज़ीन ने कहा कि भारत का हाउसिंग सेक्टर अब एक अहम मोड़ पर है, जहां कीमतों में स्थिरता, ब्याज दरों में नरमी और आय में बढ़ोतरी से बाजार को बढ़ोतरी मिलेगी।
रिपोर्ट में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे बड़े शहरों का एनालिसिस किया गया है। इसमें 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की आय वाले परिवारों को शामिल किया गया है।
2025 के आंकड़ों के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर में 2.7 लाख से ज्यादा नई लॉन्चिंग और सेल दर्ज की गई। खास बात यह रही कि प्रीमियम और लंबी दूरी की गाड़ियों में 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और कुल सेल में 27% हिस्सा इसी गाड़ियों का रहा।
हालांकि, 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले किफायती घरों की तरफ अब भी कम बनी हुई है। इसकी वजह बढ़ती लागत और सरकारी प्रोत्साहन में कमी बताई गई है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार अगर कीमत और एरिया की सीमा में बदलाव करे तो इस गाड़ियों में फिर से तेजी से आ सकती है।



