नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने घरेलू LPG उत्पादन को प्राथमिकता देने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम आम उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। हालांकि सिब्बल ने यह भी कहा कि सरकार को इस संभावित संकट का अंदाजा पहले ही लगा लेना चाहिए था और इसके लिए बेहतर दीर्घकालिक योजना बनानी चाहिए थी।
बता दें, मीडिया से बातचीत के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका, इज़राइल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो भारत की कई इंडस्ट्रीज पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
सिब्बल ने कहा कि भारत की LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है और इसमें लगभग 40 प्रतिशत गैस कतर से आती है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बाधित होती है तो टेक्सटाइल, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य उद्योगों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना सही फैसला है, क्योंकि सबसे पहले जरूरी सेवाओं और आम लोगों की जरूरतों को पूरा किया जाना चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस स्थिति का अनुमान पहले से लगा लेना चाहिए था। उनके मुताबिक ऊर्जा सुरक्षा के मामले में सरकार की दीर्घकालिक रणनीति में कमी नजर आती है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, जो देश के लिए एक बड़ी चुनौती है।
कपिल सिब्बल ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन प्रभावित होता है तो कच्चे तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
इस बीच देश के कई हिस्सों में कमर्शियल LPG की कथित कमी की शिकायतें भी सामने आई हैं। होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े संगठनों ने दावा किया है कि गैस सप्लाई में रुकावट के कारण कई प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से काम रोकना पड़ रहा है।
बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन ने एक नोटिस जारी कर कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल प्रभावित हुई है और इसे जल्द सामान्य करने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल में भी कुछ समय के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडरों का वितरण प्रभावित रहा।
हालांकि LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े संगठनों का कहना है कि देश में गैस की कोई बड़ी कमी नहीं है और सप्लाई को संतुलित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऑल इंडिया LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अस्पताल और अन्य जरूरी संस्थानों को भी गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है और अलग-अलग स्रोतों से गैस के नए कंसाइनमेंट भी जल्द आने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर कोई बड़ा संकट नहीं है।












