डेस्क : अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने कहा है कि वैश्विक सप्लाई चेन में लगातार आ रही रुकावटों के बीच मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहद जरूरी हो गए हैं। नई दिल्ली में एक मीडिया समूह के वार्षिक लीडरशिप समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल तनाव और बदलते व्यापार मार्गों के कारण वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि वेस्ट एशिया में जारी संकट ने होर्मुज स्ट्रेट, स्वेज कैनाल और मलक्का स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की कमजोरियों को उजागर किया है। इन मार्गों में बाधा आने से वैश्विक सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और विविध व्यापार मार्गों का विकास जरूरी है।
करण अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म भारत के लिए नेशनल एसेट्स की तरह हैं, जो देश के व्यापार, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि समूह 2030 तक अपने पोर्ट की क्षमता को 600 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर 1200 MMT करने का लक्ष्य रखता है। वहीं रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को 18 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही भारत की आर्थिक प्रगति को गति देगा और वैश्विक व्यापार में देश की भूमिका को और मजबूत करेगा।














