उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से समाजवादी पार्टी (सपा) आलाकमान का एक बड़ा और सख्त फैसला सामने आया है। सपा नेतृत्व ने गोरखपुर जिले की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और उनकी पूरी कार्यकारिणी को भी पदमुक्त कर दिया गया है। पार्टी ने यह कड़ा कदम गोरखपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हुए हाई-प्रोफाइल ‘थप्पड़ कांड’ और उसके बाद उपजे विवाद को गंभीरता से लेते हुए उठाया है।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर में बीते दिन बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच आपसी कहासुनी और अनुशासनहीनता की स्थिति बन गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि प्रेस वार्ता के दौरान ही थप्पड़बाजी की घटना घटित हो गई। इस घटना का वीडियो और खबर सार्वजनिक होते ही पार्टी की छवि को भारी धक्का पहुंचा, जिससे शीर्ष नेतृत्व बेहद नाराज बताया जा रहा था।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने न केवल मुख्य संगठन की जिला और महानगर इकाइयों को भंग किया, बल्कि जिले में सक्रिय सभी अग्रिम (फ्रंटल) संगठनों की जिला इकाइयों को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन में किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही गोरखपुर जिले में नए सिरे से निष्ठावान और अनुशासित पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी ताकि संगठन को दोबारा मजबूत किया जा सके।














