राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बाढ़ का पानी कई इलाकों में घरों तक पहुंच गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसे हुए हैं। फैजुल्लागंज और इटौंजा में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। कई कॉलोनियों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्लासियो मॉल और एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी तक भी बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है।
फैजुल्लागंज और बीकेटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने घुटनों तक भरे पानी और नाव के जरिए बरावन कला, सैथा और जेहटा समेत प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 10 अतिरिक्त नावों की व्यवस्था, रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फैजुल्लागंज में राहत को लेकर लोगों का आक्रोश
फैजुल्लागंज के पवन विहार में स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। आशीष सिंह, सोनू पांडेय और निखिल सिंह का आरोप है कि उन्होंने एक महिला के साथ करीब एक घंटे तक नाव का इंतजार किया, लेकिन नाव नहीं पहुंची। शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के साथ लोगों की नोकझोंक भी हुई।
लोहरामऊ, श्याम सुंदर कॉलोनी, गोमती पुरम, गणेश विहार, मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, दुर्गा कॉलोनी, पवन विहार और कृष्णा विहार में कई लोग घरों में फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राहत सामग्री राहत केंद्रों तक सीमित है और कई परिवारों को भोजन व पेयजल की परेशानी हो रही है। रात में निजी नावें चलने के कारण चोरी का डर भी लोगों को सता रहा है। इसके चलते कई परिवार रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं।
इटौंजा में विधायक की गाड़ी रोककर हंगामा
इटौंजा में राहत सामग्री बांटने पहुंचे विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी ग्रामीणों ने रोक ली और हंगामा किया। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अतुल मिश्रा के साथ अभद्रता किए जाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने दुघरा और अकड़रिया के लिए मोटरबोट, भोजन और राशन की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम बीकेटी ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति संभाली।
प्लासियो मॉल तक पहुंचा गोमती का पानी
गोमती का जलस्तर बढ़ने से प्लासियो मॉल के आसपास भी जलभराव का खतरा पैदा हो गया। नदी का पानी नाले के रास्ते मॉल की ओर पहुंच गया और सड़क पर पानी भर गया। सूचना के बाद नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जांच में सामने आया कि जिस नाले के रास्ते गोमती का पानी प्लासियो की ओर आ रहा था, वह खुला हुआ था। इसके बाद एलडीए की मदद से नाले को बंद कराया गया। साथ ही पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा के मुताबिक, नाले को बंद करने के बाद पानी का बैक फ्लो रुक गया है। नगर निगम की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी पर मंडराया बिजली संकट
गोमती का बढ़ता जलस्तर अब एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। सोसाइटी से करीब 100 मीटर दूर बने नाले तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इसी नाले के पास सोसाइटी का इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन मौजूद है। पानी सब-स्टेशन तक पहुंचने की स्थिति में पूरी सोसाइटी की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
एमार गोमती ग्रीन्स आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से सब-स्टेशन की सुरक्षा की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। आरडब्ल्यूए ने जलभराव का निरीक्षण कराने के साथ पंप, जनरेटर और राहत-बचाव उपकरण तैयार रखने की भी मांग की है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज किशोर राकेश ने कहा कि खतरा सामने दिखाई दे रहा है।
11 ट्रांसफार्मरों की बिजली सप्लाई बंद
फैजुल्लागंज और दाऊद नगर में जलभराव के कारण रविवार को 11 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जूनियर इंजीनियर आकर्ष श्रीवास्तव के अनुसार, ट्रांसफार्मरों के आसपास पानी भरने के कारण नया मदरसा लोहरामऊ, मिश्रा ऑफिस लोहरामऊ, गुप्ता प्लानिंग, नीलकंठ मंदिर, जैन कॉलोनी, सरदार प्लानिंग, मामा कॉलोनी चौराहा, कनौजिया चौराहा, शिल्पी स्कूल और होरी लाल मंदिर समेत 11 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई रोकी गई है।
दाऊद नगर उपकेंद्र की बाउंड्री के पास तक पानी पहुंच गया है। बिजली आपूर्ति स्थिति सुरक्षित होने के बाद ही सामान्य की जाएगी।
रिवरफ्रंट पर हजारों पेड़-पौधे बर्बाद
लगातार चार दिन से रिवरफ्रंट क्षेत्र में जलभराव बना हुआ है। पानी में लगातार डूबे रहने के कारण हजारों पेड़-पौधों के सड़ने की बात सामने आई है। रविवार को जलस्तर घटने के बजाय और बढ़ गया, जिससे रिवरफ्रंट के बड़े हिस्से में पानी भर गया।
गोमती में क्रूज निर्माण के लिए रखा सामान भी पानी की चपेट में आ गया है। क्रूज का निर्माण रबर डैम के पास और न्यू हैदराबाद के सामने दो स्थानों पर किया जा रहा था। जलभराव के कारण दोनों जगह काम प्रभावित हुआ है।
रिवरफ्रंट क्षेत्र में बंधा बनाने समेत कई अन्य विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं। पानी बढ़ने के कारण कई जगह निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। निर्माण सामग्री और अन्य संसाधनों के नुकसान से करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है।
ग्रीन कॉरिडोर की निर्माण सामग्री पानी में डूबी
रिवरफ्रंट के साथ लामार्ट की ओर ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण भी प्रभावित हुआ है। निर्माण स्थल पर पानी भरने के कारण वहां रखा बिल्डिंग मटेरियल और अन्य सामान डूब गया है। कुछ सामग्री पानी के साथ बहने की बात भी सामने आई है। जलभराव के कारण ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण की रफ्तार प्रभावित हुई है।
मंदिर परिसर में भरा गंदा पानी
मलिहाबाद के शीतलनटोला स्थित मां शीतला देवी मंदिर परिसर में बेहता नदी और नालों का गंदा पानी भर गया है। श्रद्धालुओं को पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ रहा है। मंदिर समिति ने पानी हटाने की मांग की है। नवरात्र के दौरान यहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु और भंडारे में हजारों लोग पहुंचते हैं।
बाढ़ से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
बाढ़ का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं और कुछ को टेस्ट व परीक्षाएं तक छोड़नी पड़ी हैं। फैजुल्लागंज में जगलाल पेट्रोल पंप के आगे स्थित प्राथमिक विद्यालय समेत कई निजी स्कूलों में ताले लटक रहे हैं।
घरों के गेट पर बनाई जा रही ईंटों की दीवार
बाढ़ के पानी को घरों में घुसने से रोकने के लिए स्थानीय लोग खुद इंतजाम कर रहे हैं। कई घरों के मुख्य गेट के सामने ईंटों की छोटी दीवार खड़ी की जा रही है। हालांकि पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण ये इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
फैजुल्लागंज में 25 से 30 फीसदी मकान खाली
बाढ़ के चलते फैजुल्लागंज में कई मकानों पर ताले लटक गए हैं। इलाके के करीब 20 से 25 फीसदी घर खाली होने की बात सामने आई है। दाऊदनगर, मिलनतनगर, रामनगर, गणेश विहार और मामा कॉलोनी से कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं।















