राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में गोमती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के उफान पर होने के कारण मलिहाबाद और बख्शी का तालाब (बीकेटी) तहसील क्षेत्र के साथ-साथ फैजुल्लागंज और दाउदनगर सेकंड जैसी घनी आबादी वाली बस्तियों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन गए हैं। दर्जनों गांवों और रिहाइशी इलाकों में पानी घुसने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रभावित इलाकों से कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के बसहरी, बहरौरा, अटरिया और निकरोजपुर समेत करीब एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ चुके हैं। यहां लोगों के घरों के भीतर तक नदी का पानी भर गया है, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। वहीं, फैजुल्लागंज और बीकेटी के जलमग्न इलाकों में अब नाव ही प्रशासन और स्थानीय लोगों का एकमात्र सहारा बनी हुई है।
हालातों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी सीधे ग्राउंड ज़ीरो पर उतर आए हैं। बीकेटी और फैजुल्लागंज की प्रभावित बस्तियों में टीम नावों के जरिए पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को ड्राई राशन किट, पीने का पानी और प्राथमिक राहत सामग्री वितरित कर रही हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित शिविरों तक पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।














