गुड़ को आमतौर पर चीनी के हेल्दी विकल्प के रूप में देखा जाता है और त्योहारों से लेकर रोजमर्रा के खानपान तक इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इन दिनों बाजार में मिलने वाले गुड़ में मिलावट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ जगहों पर गुड़ में बेकिंग सोडा, वॉशिंग सोडा और यहां तक कि डिटर्जेंट जैसी हानिकारक चीजें भी मिलाई जा रही हैं। यह मिलावट न सिर्फ गैर-कानूनी है बल्कि सेहत के लिए बेहद खतरनाक भी साबित हो सकती है।
गुरुग्राम स्थित सीके बिरला हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. तुषार तायल के मुताबिक मिलावटी गुड़ का नियमित सेवन शरीर के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। उनका कहना है कि वॉशिंग सोडा, बेकिंग सोडा और डिटर्जेंट जैसी चीजों की मिलावट से कई तरह के केमिकल गुड़ के अंदर पहुंच जाते हैं, जो इंसानी शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं।
डॉ. तुषार तायल बताते हैं कि इन केमिकल्स का असर सबसे पहले पाचन तंत्र पर पड़ता है। बार-बार ऐसे गुड़ का सेवन करने से जी मिचलाना, उल्टी, पेट दर्द और इलेक्ट्रोलाइट्स का गंभीर असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा शरीर में टॉक्सिसिटी का खतरा भी बढ़ जाता है।
किडनी और लिवर पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, बेकिंग सोडा की अधिक मात्रा शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ा देती है। इससे शरीर का एसिड-बेस बैलेंस बिगड़ सकता है और हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। यह स्थिति किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। खासतौर पर क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है।
वहीं डिटर्जेंट के कणों में मौजूद सर्फेक्टेंट शरीर में पहुंचकर गले में खराश, खांसी और एलर्जिक रिएक्शन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा चॉक पाउडर या अन्य नॉन-फूड पदार्थ पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकते हैं और शरीर में मिनरल का संतुलन बिगाड़ सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे केमिकल युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से किडनी के साथ-साथ लिवर को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
घर पर ऐसे पहचानें मिलावटी गुड़
मिलावटी गुड़ की पहचान करने के लिए ग्राहक घर पर एक आसान तरीका अपना सकते हैं। इसके लिए एक कांच के गिलास में पानी भरकर उसमें गुड़ का छोटा टुकड़ा डालकर घोलें। अगर पानी में असामान्य झाग बनने लगे या गिलास के नीचे सफेद रंग के कण जमने लगें तो यह चॉक पाउडर या वॉशिंग सोडा की मिलावट का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा गुड़ के रंग से भी उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्राकृतिक और शुद्ध गुड़ का रंग गहरा गोल्डन-ब्राउन होता है। अगर गुड़ का रंग बहुत ज्यादा चमकीला पीला या हल्का दिखाई दे तो यह केमिकल प्रोसेसिंग या मिलावट का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही गुड़ खरीदें और शक होने पर इसकी जांच जरूर करें, ताकि मिलावटी गुड़ से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।



