गाजियाबाद में पनीर की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए हालिया टेस्ट में पनीर के 85 प्रतिशत सैंपल फेल हो गए हैं। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है। अब प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बता दें, खाद्य विभाग की ओर से की गई जांच में पनीर के सैंपल में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। इनमें से कई सैंपल खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, और उनमें मिलावट के संकेत मिले। इस मामले ने गाजियाबाद में पनीर के कारोबार से जुड़े व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
बता दें, खाद्य विभाग ने शहर के विभिन्न पनीर निर्माताओं और विक्रेताओं से सैंपल लेकर उनकी जांच की थी। जांच में पाया गया कि पनीर में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व मौजूद हैं, जो उपभोक्ताओं की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा हैं। इससे पहले भी गाजियाबाद में अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर ऐसे मामलों की रिपोर्ट सामने आई थी, लेकिन इस बार पनीर की खराब गुणवत्ता ने प्रशासन को चिंतित कर दिया है।
खाद्य विभाग ने पनीर विक्रेताओं और निर्माताओं को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, विभाग ने पनीर के व्यापार से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विभाग ने यह भी कहा है कि अब से पनीर के सैंपल नियमित रूप से लिए जाएंगे और गुणवत्ता की जांच को और सख्त किया जाएगा।
वहीं, गाजियाबाद में पनीर के सैंपल में अनियमितताएं पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग दोनों सक्रिय हो गए हैं। विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितना प्रभावी कदम उठाता है और शहर के खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।














