नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी के फर्जीवाड़े ने देश भर को अचरज में डाल दिया। विश्वस्तरीय AI समिट में गलगोटिया की इस हरकत से दुनिया भर में भारत की छवि को आघात पहुंचाया। फिलहाल इस यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम से भगा दिया गया लेकिन इनके कारनामों की करतूत से पूरा सोशल मीडिया भरा पड़ा है।

चाइनीज रोबोटिक कुत्ते को अपना आविष्कार और उस पर 350 करोड़ का निवेश का गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने दावा किया था। लेकिन ये चाइनीज रोबोटिक कुत्ता ऑनलाइन वेबसाइट्स पर ढाई लाख में मिलता है। इसका गलगोटिया यूनिवर्सिटी से कोई लेना देना नहीं। लेकिन यूनिवर्सिटी ने AI सम्मिट मे इसको अपने प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया।

ऑनलाइन फैक्ट चेक के जमाने में इस फ्रॉड की पोल तत्काल खुल गई और उसके बाद सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई गलगोटिया यूनिवर्सिटी के इस फ्रॉड के खिलाफ। सरकार ने गलगोटिया को फौरन दफा हो जाने का हुक्म दिया। लेकिन यूनिवर्सिटी की ढिठाई ये थी इस फ्रॉड का चेहरा बनी नेहा सिंह और उसके साथी आज भी समिट स्थल पर घूम घूम कर अपने कारनामों को नया रूप दे रहे हैं।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर पेटेंट शुल्क में मिलने वाली सब्सिडी में गोलमाल करने के आरोप भी लग रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या गलगोटिया यूनिवर्सिटी को ऐसे आयोजनों में प्रतिबंधित किया जाएगा या नहीं?

AI Summit में Galgotia University ने चीनी रोबोट को बताया अपना, खुल गई पोल | AI summit Delhi 2026

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