ज़्यादा देर तक आजकल मोबाइल, लैपटॉप पर काम करना, गलत पोस्चर में बैठना और स्ट्रेस वाली लाइफस्टाइल गर्दन में अकड़न का सबसे बड़ा कारण बन गई है। वही सुबह उठते ही गर्दन में अकड़न, गर्दन अकड़ जाती है और दर्द भारी लगता है।
वही, अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और रेगुलर एक्सरसाइज करके बिना दवा के गर्दन की अकड़न से राहत पाई जा सकती है। ये एक्सरसाइज मसल्स को आराम देती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती हैं और गर्दन की फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाती हैं। आइए गर्दन की अकड़न से राहत पाने के लिए कुछ आसान एक्सरसाइज सीखते हैं।
इन एक्सरसाइज से पाएं राहत
- नेक साइड स्ट्रेच –पहले सीधे बैठें या खड़े हों। धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर झुकाएं, जैसे कंधे से कान को छूने की कोशिश कर र हे हों। 10-15 सेकंड तक इसी पोजीशन में रहें और फिर वापस आ जाएं। अब यह प्रोसेस बाईं ओर दोहराएं। इससे – गर्दन की साइड मसल्स में स्ट्रेच होता है और जकड़न कम होती है।
- चिन टक एक्सरसाइज़ – पीठ और गर्दन को सीधा रखें। ठुड्डी को धीरे से अंदर की ओर खींचें, जैसे डबल चिन बन रही हो। 5-10 सेकंड तक रुकें और फिर आराम करें। इसे 8-10 बार दोहराएं। यह एक्सरसाइज़ खराब पोस्चर को ठीक करने और गर्दन के दर्द को कम करने में मदद करती है।
- नेक रोटेशन – धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर घुमाएं, फिर सीधा करें और बाईं ओर घुमाएं। पूरा सर्कल बनाएं, लेकिन झटकेदार मूवमेंट न करें। 5-6 बार क्लॉकवाइज़ और 5-6 बार एंटी-क्लॉकवाइज़ करें। इससे अकड़न कम होती है और मूवमेंट स्मूद होता है।
- शोल्डर श्रग्स – कंधों को कानों की तरफ ऊपर उठाएं और 5 सेकंड तक रोकें, फिर धीरे-धीरे नीचे लाएं। इसे 10-12 बार दोहराएं। इस एक्सरसाइज से गर्दन और कंधों का टेंशन कम होता है।
- गर्दन आगे और पीछे झुकाएं- धीरे-धीरे सिर को आगे की ओर झुकाएं ताकि ठुड्डी छाती को छुए। 10 सेकंड रुकें। फिर अपना सिर थोड़ा पीछे ले जाएं और आसमान की तरफ देखें। फिर से 10 सेकंड तक रोकें। यह गर्दन की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करता है।
- कैट-काउ स्ट्रेच- चारों हाथ-पैर के बल बैठें। सांस अंदर लेते हुए गर्दन को ऊपर उठाएं और घुटनों को थोड़ा नीचे की ओर मोड़ें (काउ पोज)। सांस छोड़ते हुए गर्दन को नीचे करें और लोई को गोल बनाएं। इसे 8-10 बार करें। इससे पूरी रीढ़ और गर्दन को आराम मिलता है।
- ये सावधानियां रखे – एक्सरसाइज हमेशा धीरे-धीरे करें, झटके से न करें। रोजाना 10-15 मिनट एक्सरसाइज करने से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं। इसके साथ ही सही पोस्चर में बैठना, स्क्रीन की ऊंचाई आंखों के बराबर रखना और बीच-बीच में ब्रेक लेना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: आर्टिकल में दी गई सलाह और सुझाव सिर्फ़ आम गाइडेंस के लिए हैं और इन्हें प्रोफेशनल मेडिकल सलाह नहीं मानना चाहिए। अगर आपके कोई सवाल हों तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।















