अमेरिका के साथ होने वाली बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता से पहले ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रणनीतिक बैठकें कर रहा है। इस उच्च स्तरीय डेलीगेशन का मुख्य उद्देश्य आगामी अमेरिका-ईरान बातचीत से पहले अपने एजेंडे को अंतिम रूप देना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह कूटनीतिक गतिविधि उस समय और महत्वपूर्ण हो गई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर दुनिया भर में निगाहें टिकी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद स्थित सेरेना होटल को इस पूरी डिप्लोमैटिक प्रक्रिया का केंद्र बनाया गया है, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि लगातार बैठकें कर रहे हैं।
अमेरिकी पक्ष की ओर से भी हाई-लेवल प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की खबर है, जबकि पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी इस प्रक्रिया में शामिल बताए जा रहे हैं। इसे क्षेत्रीय स्थिरता और नाजुक संघर्ष विराम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस बीच व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात की थी। इस बैठक को आने वाली वार्ता की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी वाइस-प्रेसिडेंट मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि इन वार्ताओं का परिणाम पूरी तरह अमेरिकी दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता में संतुलित दृष्टिकोण नहीं अपनाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस में प्रवेश के दौरान कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया था, जिसमें फाइटर जेट और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सपोर्ट शामिल था।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा कूटनीतिक मिशन 15 दिनों की समयसीमा में आगे बढ़ेगा और अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जिनमें तय होगा कि क्षेत्रीय सीजफायर स्थायी शांति में बदलता है या तनाव फिर बढ़ता है।














