उत्तर प्रदेश: मथुरा में शनिवार सुबह छाता इलाके में एक दुखद घटना घटी, जब गौरक्षकों के लिए चर्चित संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही मथुरा के छाता और कोसीकलां इलाकों में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान, गुस्साई भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई और पथराव के चलते कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
बता दें, समर्थकों का आरोप है कि गौतस्करों ने जानबूझकर बाबा को ट्रक से कुचलकर मारा। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रही है, लेकिन मामले की जांच जारी है। इस घटना के बाद बाबा के समर्थकों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें ‘गौपुत्र शहीद’ का दर्जा दिया जाए।
बता दें, चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ का घर मथुरा के छाता क्षेत्र के आजनौख गांव में था। वह हमेशा 15 किलो के फरसे (कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र) के साथ चलते थे, जिससे उन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से पहचाना गया। उन्होंने गौरक्षकों की एक टीम बनाई थी, जो गौ-तस्करी से बचाने के लिए सक्रिय रूप से काम करती थी।
उनके पास करीब 200 युवाओं की टीम है। वह आठ साल की उम्र में ही साधु बन गए थे। माता-पिता को छोड़कर अयोध्या चले गए। श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लिया। 20 सालों तक अयोध्या में रहने के बाद वह ब्रज आ गए। यहां गोसेवा का संकल्प लिया और गोशाला चलाने लगे।
‘फरसा वाले बाबा’ का जीवन पूरी तरह से गौवंश की रक्षा के लिए समर्पित था। वह दिन में गायों की सेवा करते, रात में हाईवे पर गश्त लगाते और गौ-तस्करी की जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंच जाते थे। बाबा का मानना था कि उनका उद्देश्य केवल गौवंश की रक्षा करना था, जिसके लिए उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समर्पित की थी।
चंद्रशेखर का यूट्यूब चैनल था, जिसमें वह गौ-सेवा से जुड़े वीडियो साझा करते थे। इन वीडियो में वह घायल गायों को बचाते, नहर में गिरी गाय को निकालते और मरी गाय का विधिवत अंतिम संस्कार करते हुए दिखाई देते थे।
शनिवार तड़के बाबा को गौ-तस्करी की सूचना मिली थी, और वह अपनी टीम के साथ संदिग्ध ट्रकों का पीछा करने निकले थे। इस दौरान उनकी बाइक को ट्रक ने टक्कर मार दी और वह उसकी चपेट में आ गए। समर्थकों का आरोप है कि यह हत्या थी, जबकि पुलिस इसे सड़क दुर्घटना मान रही है।
घटना के बाद, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।



