डेस्क : फिल्ममेकर आशा अची जोसेफ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने साथ हुई कथित सेक्शुअल हैरेसमेंट की घटना, न्याय की लड़ाई और महिला अधिकार ग्रुप्स के साथ अपने काम के बारे में खुलकर बात की। यह घटना 6 नवंबर, 2025 को हुई थी जब 30वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल (IFFK) में मलयालम फिल्म सिलेक्शन जूरी के चेयरमैन PTK मोहम्मद ने फिल्म सिलेक्शन प्रक्रिया पर चर्चा करने के बहाने उन्हें अपने होटल सुइट में बुलाया था। आशा ने आरोप लगाया कि मोहम्मद ने बिना अनुमति और आक्रामक तरीके से सेक्शुअल अग्रेशन किया, जिससे वह कमरे से भाग गईं।
आशा ने इस मामले में शिकायत दर्ज करने के बाद शुरुआत में अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया था, लेकिन हाल ही में एक मलयालम अखबार में एक ऑप-एड के माध्यम से उन्होंने खुद को शिकायतकर्ता के रूप में सामने लाया। ANI के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि महिला अधिकारों के लिए उनकी प्रतिबद्धता और विमेन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) जैसे संगठन के साथ उनके लंबे समय से जुड़े रहने ने उन्हें इस मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
आशा ने बताया, “हम सेक्शुअल हैरेसमेंट के खिलाफ इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं। इस दौरान मैं WCC का हिस्सा रही हूं और वर्कप्लेस पर सेक्शुअल हैरेसमेंट के शिकार लोगों को सपोर्ट करती रही हूं। हम सरकार के साथ कई बार बातचीत कर चुके हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द ही लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार एक पॉलिसी बनाएगी।”
उन्होंने बताया कि 6 नवंबर को वह IFFK सिलेक्शन जूरी का हिस्सा थीं और इस दौरान PTK मोहम्मद ने उन्हें अपने होटल कमरे में बुलाकर सेक्शुअल हैरेसमेंट किया। आशा ने कहा, “हमारा जूरी का काम 24 अक्टूबर को शुरू हुआ और 6 नवंबर तक चला। उसी दिन मोहम्मद ने मुझे अपने होटल के कमरे में डिनर पर बुलाया और वहां सेक्शुअली हैरेस किया।”
केरल पुलिस ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाते हुए इस हफ्ते की शुरुआत में PTK मोहम्मद के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। चार्जशीट में घटना के दस्तावेजी सबूत, जैसे होटल का CCTV फुटेज और 15 गवाहों के बयान शामिल हैं।
आशा अची जोसेफ फिल्मों, टेलीविज़न और न्यू मीडिया में अपनी कड़ी मेहनत के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने 1998 में अपनी डॉक्यूमेंट्री “अन्यार” (द आउटकास्टर्स) के लिए इंडियन पैनोरमा सिलेक्शन जीता और वे फिल्ममेकर और रिसर्चर के रूप में काम करती आ रही हैं।













