Uttarakhand: आगामी कुंभ मेला की तैयारी को लेकर उत्तराखंड मेला प्रशासन लगातार सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा कर रहा है। यह कदम मेला आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए उठाया गया है। गुरुवार को CCR बिल्डिंग में मेला ऑफिसर सोनिका की अध्यक्षता में कुंभ क्षेत्र के आश्रम संचालकों की एक अहम बैठक हुई।

बता दें, बैठक के दौरान आश्रम प्रमुखों और उनके प्रतिनिधियों ने मेला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की। सभी ने मेला आयोजन में अपनी पूरी मदद देने का आश्वासन दिया, ताकि यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से शानदार बन सके।

बता दें, मेला ऑफिसर सोनिका ने आश्रम संचालकों को भरोसा दिलाया कि उन्हें कुंभ मेले से जुड़ी सारी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने मेला प्रशासन के अधिकारियों के संपर्क नंबर साझा किए और कहा कि किसी भी समस्या या सुझाव के लिए आश्रम प्रतिनिधि कभी भी अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया।

मेला प्रशासन के द्वारा हरिद्वार में एक लाइट एंड साउंड शो की योजना बनाई जा रही है, ताकि भक्तों को एक शानदार अनुभव मिले। साथ ही, कुंभ क्षेत्र की सौंदर्यकरण और सजावट की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि यह धार्मिक आयोजन और भी आकर्षक बने।

वहीं, सोनिका ने यह भी कहा कि कुंभ मेला न केवल आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का एक विशाल उत्सव भी है, जो देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में आश्रमों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे भक्तों के लिए आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं का प्रबंध करते हैं।

उन्होंने आश्वासन दिया कि मेला प्रशासन आश्रमों को पूरी तरह से सहयोग करेगा और उनके सुझावों को ध्यान में रखेगा। उनके अनुसार, संतों और सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय से कुंभ मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल होगा।

बता दें, इस बैठक में एडिशनल मेला ऑफिसर दयानंद सरस्वती ने तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर तक सभी प्रमुख कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। इस दौरान मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण, सड़कों और घाटों की मरम्मत और सुधार, तथा सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में कई संतों ने भी मेला प्रशासन की तैयारियों की सराहना की और कुंभ मेले के आयोजन में योगदान देने के लिए अपनी तत्परता जाहिर की।

इस बीच, संतों और प्रतिनिधियों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों से शटल सर्विस शुरू करना, मेला दौरान तीर्थयात्रियों के लिए आश्रमों की बिजली और पानी के बिल में छूट देना, और सड़क और घाटों के सुधार कार्य को तेज़ी से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कुंभ मेला प्रशासन और संत समुदाय के बीच इस समन्वित प्रयास से कुंभ मेला 2026 एक बेहतरीन और व्यवस्थित आयोजन बनेगा, यह उम्मीद जताई जा रही है।

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