उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है और मतदाताओं की फाइल लिस्ट भी सामने आ गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, एसआईआर के तहत राज्य में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम कट गए हैं। इसके बाद सवाल उठता है कि किन विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है।

लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटे
राजधानी लखनऊ में सभी विधानसभा सीटों पर लाखों मतदाताओं के नाम कटे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, लखनऊ में कुल 9 लाख 14 हजार 185 मतदाताओं के नाम कटे हैं। इसके तहत विभिन्न विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या में भी बदलाव आया है।

लखनऊ की विधानसभा सीटों पर कटे नाम

  • लखनऊ कैंट: 124,962
  • लखनऊ ईस्ट: 143,478
  • लखनऊ नॉर्थ: 154,710
  • लखनऊ मध्य: 107,439
  • सरोजनी नगर: 142,122
  • लखनऊ वेस्ट: 87,467
  • बख्शी का तालाब: 75,651
  • मोहनलालगंज: 40,245
  • मलिहाबाद: 38,111

उत्तर प्रदेश की प्रमुख विधानसभा सीटों पर कम हुए मतदाता
उत्तर प्रदेश की पांच प्रमुख विधानसभा सीटों पर मतदाता संख्या में बड़ी कमी आई है।

  • साहिबाबाद: 3,16,484 मतदाता
  • नोएडा: 1,83,887 मतदाता
  • लखनऊ उत्तर: 1,54,710 मतदाता
  • आगरा कैंट: 1,47,182 मतदाता
  • इलाहाबाद उत्तर: 1,45,810 मतदाता

लखनऊ कैंट में सर्वाधिक 34.18% मतदाता कम
लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 34.18% मतदाता कम हुए हैं। यह वही विधानसभा सीट है जहां डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का निर्वाचन क्षेत्र है।

84 लाख मतदाताओं की वृद्धि
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि एसआईआर के बाद राज्य में 84 लाख से अधिक मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जिससे कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हो गई है। इस प्रक्रिया के दौरान राज्य के 75 जिलों, 403 विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों को कवर किया गया।

एसआईआर की 166 दिन लंबी प्रक्रिया
एसआईआर कार्यक्रम 27 अक्टूबर, 2025 से 10 अप्रैल, 2026 तक चला। इसमें 75 जिला चुनाव अधिकारियों, 403 चुनावी पंजीकरण अधिकारियों, सहायक ईआरओ, बीएलओ पर्यवेक्षकों और अन्य अधिकारियों ने योगदान दिया। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के एजेंटों और करोड़ों मतदाताओं ने भी इसमें सहयोग किया।

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