लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के विभाजन को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 24 वर्षों से उत्तर प्रदेश को अलग-अलग राज्यों में बांटने की बात करते आ रहे हैं। राजभर ने कहा कि जब भी पूर्वांचल अलग राज्य बनेगा, वहां का पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा होगा।
रिपोर्टर: कुछ दिनों पहले आपने चुनावी जनसभा में कहा था कि उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटा जा सकता है और पूर्वांचल से अगर कोई मुख्यमंत्री होगा तो वह राजभर का बेटा होगा। आपके इस बयान से बीजेपी के कुछ नेताओं ने किनारा कर लिया, जबकि कुछ नेताओं ने इसका समर्थन भी किया। क्या आप अभी भी अपने बयान पर कायम हैं और उत्तर प्रदेश को क्यों बांटना चाहते हैं?
ओम प्रकाश राजभर: हम 24 साल से अपने बयान पर कायम हैं। यह कोई नया बयान नहीं है। 2002 से मैं कहता हूं कि जब बुंदेलखंड की बात हो रही है, हरित प्रदेश की बात हो रही है, मध्यांचल की बात हो रही है, तो पूर्वांचल राज्य की भी बात हो रही थी। पूर्वांचल भी अलग होगा। 10 साल, 5 साल, 20 साल, 25 साल, चाहे जब बनेगा पूर्वांचल। आप देखिएगा, पूर्वांचल का पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा बनेगा।
रिपोर्टर: मतलब आपके परिवार का कोई होगा या राजभर समाज का?
ओम प्रकाश राजभर: परिवार का कोई होगा, राजभर का।
रिपोर्टर: अखिलेश यादव लगातार आपके ऊपर हमलावर रहते हैं। वह कहते हैं कि आपसे अब पासवर्ड छीन लिया गया है, इसलिए आप अलग दिशा में बहने का काम कर रहे हैं। उनके इस बयान को आप किस तरीके से देखते हैं?
ओम प्रकाश राजभर: अखिलेश जी के लोगों ने हमारे ट्विटर पर शिकायत की। हजारों लोग समाजवादी पार्टी के लोग थे। उनकी शिकायत पर ट्विटर ने रोक लगा दी। जब रोक लगी तो मैंने आपत्ति की कि मुझे इसका जवाब दीजिए। जब मैं आपको पैसा दे रहा हूं तो आपने हमारा ट्विटर किसी दूसरी पार्टी के कहने पर क्यों रोक दिया? इसकी जांच करिए या उसको बहाल करिए। जांच हुई और ट्विटर बहाल कर दिया गया।
रिपोर्टर: आपने आज एक ट्वीट किया और सपा-कांग्रेस के गठबंधन को ‘ठगबंधन’ बता दिया। इस पर क्या कहेंगे?
ओम प्रकाश राजभर: दोनों एक ही हैं। ये जनता को लूटकर प्रदेश का खजाना लूटकर सैफई बनाते हैं और वह लूट करके इटली ले जाते हैं।
रिपोर्टर: अभी रायबरेली में जब आप चाय पीने गए थे तो वहां लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। बीजेपी के लोग परेशान हो गए। समाजवादी पार्टी के लोग कह रहे हैं कि जब खाना खाने जाएंगे तो क्या होगा?
ओम प्रकाश राजभर: आप उस भीड़ को देख लो। हमारे लखनऊ से भीड़ गई, सीतापुर से भीड़ गई, हरदोई से भीड़ गई, बाराबंकी से भीड़ गई, प्रतापगढ़ से, अमेठी से। कम से कम 20 जिलों के लोग आए थे और संख्या 10 हजार की नहीं थी। उठाकर देख लो, हम उसको लाखों की बता रहे हैं।
रिपोर्टर: अब लगता है कि समाजवादी पार्टी का चश्मा आपको लग गया है?
ओम प्रकाश राजभर: हम अब जब वोट पड़ता है, ऐसी भ्रम यही अखिलेश जी को है। वह भीड़ देखते हैं तो सोचते हैं कि ये भीड़ तो अब हम ये सीट जीत गए। लेकिन उनको यह नहीं पता कि भीड़ आई कहां से है। आप मीटिंग करोगे नोएडा में, भीड़ जाएगी बनारस से, गोरखपुर से, आजमगढ़ से, मऊ से, बलिया से और वोट वो नोएडा में डालने जाएंगे? जो जहां का है, वहां वोट डालेगा। जो रायबरेली की भीड़ देख रहे हो, भ्रम में मत रहो। जहां की भीड़ है, जितना है, उतना वोट डालेगी, बाहर नहीं।
रिपोर्टर: आपने इमरान मसूद और इकरा हसन का भी जिक्र किया। क्या अंदरखाने विपक्षी दल एकजुट हैं?
ओम प्रकाश राजभर: हम भी बीजेपी की तरह सीख गए हैं। हम लोग भी ऊपर-ऊपर से लड़ते हैं। आपने जैसे इमरान मसूद का जिक्र किया, इकरा हसन का जिक्र किया। लेकिन अंदर से हम एक हैं और बीजेपी के कमल को उखाड़कर फेंकने का काम करेंगे।
रिपोर्टर: चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए। ज्ञानेश कुमार को लेकर आपने आलोचना की। यह कहा जाने लगा कि बीजेपी क्यों पार्टी बनकर सामने आ जाती है?
ओम प्रकाश राजभर: हम पार्टी बनकर नहीं, हम सही बोल रहे हैं।
रिपोर्टर: आपने वोट चोरी को लेकर कांग्रेस पर भी आरोप लगाए हैं?
ओम प्रकाश राजभर: वोट चोरी की शुरुआत सबसे पहले कांग्रेस ने की। सरदार वल्लभ भाई पटेल को 13 वोट पाए, एक वोट पंडित जवाहरलाल नेहरू को मिला। वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बन गए। दूसरी चोरी कांग्रेस के लोगों ने की। राज नारायण सिंह रायबरेली आए, चुनाव लड़े और इंदिरा गांधी को हरा दिया। मामला हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट ने इंदिरा जी को छह साल चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी। इमरजेंसी लगी। वोट चोरी हुई, प्रधानमंत्री बनी रहीं। पत्रकार को बोलने की छूट नहीं, किसी नेता को बोलने की छूट नहीं।
रिपोर्टर: आप ज्ञानेश कुमार को निर्दोष मानते हैं? आपको लगता है उन्होंने सही काम किया?
ओम प्रकाश राजभर: मेरी विधानसभा में 16 हजार मृतक थे। ये अखिलेश जी, राहुल जी और जो विपक्ष में हैं, ये लोग स्वर्ग-नरक जाने का रास्ता बनाए हुए थे। जाकर ले आते थे, उनका वोट पड़ता था और वोट डलवाकर फिर पहुंचा देते थे।
रिपोर्टर: यानी आप ज्ञानेश कुमार को बिल्कुल निर्दोष मानते हैं?
ओम प्रकाश राजभर: बिल्कुल निर्दोष हैं। उन्होंने जो किया है, हमारी विधानसभा में 23 हजार शिफ्टेड वोट हैं। उनमें से लगभग 500, 800, 900 कुछ वोट निकाले हैं।
रिपोर्टर: राज्यसभा और आगे विधान परिषद के चुनाव होने हैं। कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में एक बार फिर फूट पड़ सकती है और विधायक टूट सकते हैं। आप इसे कैसे देखते हैं?
ओम प्रकाश राजभर: अखिलेश जी ने खुद कहा है। परसों और कल उनका बयान मैंने देखा। उन्होंने कहा कि जिसको बीजेपी में जाना है, वह अभी से चला जाए। अखिलेश जी का बयान है कि हमको धोखा ना दें, खुलकर चले जाएं। मेरी तरफ से छूट है।
रिपोर्टर: मतलब उनको खबर है कि मामला गड़बड़ है? आपके टच में कुछ है?
ओम प्रकाश राजभर: हमारे टच में नहीं है। वो उन्हीं के टच में खुद है।














