भारत समाचार से खास बातचीत में ओपी राजभर ने संभल, बलरामपुर और सहारनपुर में हुई घटनाओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संभल में हिंदुओं की संख्या घटने की जिम्मेदारी सीधे-सपाट सपा की है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा, कांग्रेस और बसपा सरकारों के दौरान हुए दंगों में कमजोर लोग मारे गए, जिसके कारण लोग पलायन करने को मजबूर हुए।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव बिहार में भाजपा के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं और अवैध धर्मांतरण के मामलों में सपा का हाथ है। बलरामपुर में छांगुर को बसाने का काम भी समाजवादी पार्टी ने किया। सहारनपुर दंगों के समय, राजभर ने कहा, लोग मारे जा रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सैफई में नाच देखने में व्यस्त थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री का काम यही है कि जनता दंगों में जूझ रही हो और वे नाच में व्यस्त हों।
ओपी राजभर ने यह भी दावा किया कि सपा शासन में 800 से अधिक दंगे हुए, जबकि भाजपा की सरकार में कहीं कोई दंगा या कर्फ्यू नहीं लगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में जाकर भाजपा की मदद की और कांग्रेस को वोट देने को लेकर लोगों को भ्रमित किया।
निषाद समाज के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संजय निषाद ने समाज को “ताल से तालकटोरा” पहुंचाने का काम किया और उनके साथ जाने वाले निषाद समाज के लोग स्टेडियम में मौजूद थे। राजभर ने कहा कि निषाद समाज के अधिकार दिलाने के प्रयासों के कारण कुछ नेताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने संजय निषाद को रोकने के प्रयासों की ओर भी इशारा किया।
राजभर ने यह स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की स्वतंत्रता की इज्जत करनी चाहिए और बार-बार दंगे होने से लोगों में भय व्याप्त हो गया। उन्होंने कांग्रेस के मंच पर पीएम मोदी पर की गई टिप्पणियों को भी गलत ठहराया।