पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा दावा किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक IRGC ने कहा है कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के तहत 75वीं मिसाइल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस हमले में इजरायल के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ सऊदी अरब में स्थित अमेरिका के प्रमुख एयरबेस प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी निशाना बनाया गया।
IRGC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई “शहीद कमांडरों के सम्मान” में की गई है और यह इजरायल व अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयों का जवाब है। संगठन का दावा है कि इस ऑपरेशन में उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया और इसके लिए खुफिया एजेंसियों द्वारा सटीक जानकारी जुटाई गई थी।
बयान के अनुसार, हमले में इजरायली सेना की नई तैनाती और उनके छिपने के ठिकानों को निशाना बनाया गया। साथ ही, सऊदी अरब के अल-खर्ज इलाके में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी टारगेट किया गया, जिसे अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन और तैनाती का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संगठन ने यह भी कहा कि नागरिक इलाकों में सैन्य संसाधनों को छिपाने से कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी और हर हमले का जवाब दिया जाएगा।
गौरतलब है कि फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व सुरक्षा को लेकर भी चिंता गहराने लगी है।















