अयोध्या पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन CyVajra के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना अयोध्या और थाना मवई की संयुक्त पुलिस टीम ने PLAYERS77.COM नामक वेबसाइट के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं और संदिग्ध बैंक खाते में मौजूद 57 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कराई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को पैसे बढ़ाने का लालच देते थे। इसके बाद पीड़ितों से वेबसाइट के माध्यम से निवेश कराया जाता था और प्लेटफॉर्म पर फर्जी तरीके से बढ़ी हुई रकम दिखाकर उसे निकालने के लिए अलग-अलग शुल्क और टैक्स के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते थे। लालच में आकर लोग बार-बार पैसा जमा करते रहते थे और साइबर ठगी का शिकार हो जाते थे।
अयोध्या पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अकील अहमद उर्फ उफी पुत्र शकील अहमद निवासी बसौढ़ी थाना पटरंगा जनपद अयोध्या और अमन खान पुत्र रसीद अहमद निवासी ककरिहाबाद जवाहर नगर थाना कोतवाली नगर जनपद उन्नाव के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अकील अहमद अपने घर से अमन खान के साथ मिलकर गेमिंग वेबसाइट का कॉल सेंटर संचालित कर रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना मवई जनपद अयोध्या में मुकदमा दर्ज किया है। इनके खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान आरोपियों के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में करीब 11 हजार लोगों की गेमिंग आईडी और पासवर्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इसके अलावा व्हाट्सऐप चैट भी बरामद हुई हैं, जिनका इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने में किया जाता था।
पुलिस कार्रवाई में छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की जांच की जा रही है। अकील अहमद के एक बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत मिली है, जबकि एचडीएफसी बैंक के संदिग्ध खाते में 57 लाख रुपये फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है।
अयोध्या पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आ सकती है। वहीं गिरोह का एक अन्य साथी सुफियान अली अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।













