लखनऊ: देशभर में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कड़े कानूनों और संशोधनों की चर्चा जोरों पर है, वहीं उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य में सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन के दो सहयोगी दलों के विधायक खुद पुराने पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामलों में आरोपी पाए गए हैं। इनमें सुभासपा (SBSP) के विधायक बेदीराम और निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे का नाम शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दोनों विधायकों का नाम साल 2006 के बहुचर्चित रेलवे ग्रुप-D पेपर लीक मामले में सामने आया था, जिसके चलते उस समय परीक्षा को रद्द करना पड़ गया था। सुभासपा विधायक बेदीराम के खिलाफ रेलवे भर्ती, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और पुलिस भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। वहीं, निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे पर भी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी शामिल है।
बताया जा रहा है कि अदालतों में इन मामलों के ट्रायल लंबे समय से लटके हुए हैं। आरोप है कि कानूनी दांवपेंच और विभिन्न पैतरों का इस्तेमाल करके इन मुकदमों की सुनवाई को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। ऐसे समय में जब केंद्र और राज्य सरकारें नकल और पेपर लीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सख्त सजा (जैसे 10 साल की कैद और 10 करोड़ तक का जुर्माना) के प्रावधानों पर जोर दे रही हैं, इन विधायकों के पुराने मामलों के चर्चा में आने से राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।













