उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कमी ने आम जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। तेल कंपनियों ने नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत जिन घरों में पहले से दो सिलेंडर मौजूद हैं, वहां अगली बुकिंग केवल 36वें दिन ही हो सकेगी। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 45 दिन का इंतजार करना होगा, जबकि जिनके पास सिर्फ एक सिलेंडर है, वे 25 दिन बाद ही नई बुकिंग कर सकेंगे। ये नए दिशा-निर्देश शहरी, ग्रामीण और दूरदराज के सभी क्षेत्रों में लागू होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब तय समय पूरा होने से पहले ऑनलाइन बुकिंग करने पर सिस्टम अपने आप उसे ब्लॉक कर देगा। तेल कंपनियों का दावा है कि इस व्यवस्था से गैस वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और हर उपभोक्ता को बारी-बारी से सिलेंडर मिलेगा।
छोटे सिलेंडरों के लिए भी नए अंतराल तय किए गए हैं। 5 किलो घरेलू सिलेंडर के लिए शहरों में 9 दिन और गांवों में 16 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग की जा सकेगी। वहीं, 10 किलो कंपोजिट सिलेंडर के लिए शहरों में 18 दिन और ग्रामीण इलाकों में 32 दिन का इंतजार करना होगा।
अखिल भारतीय एलपीजी वितरक महासंघ के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज ने कहा कि इस नई पाबंदी से आम लोगों के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूटर्स की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी। एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने और विवाद होने का खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में सरकार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं दिख रहा, इसलिए उपभोक्ताओं को इंडक्शन, बिजली या अन्य विकल्प अपनाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
वर्तमान में लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है। डीलरों के पास स्टॉक नहीं पहुंच रहा है, जिससे पहले से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।














