ईरानी मीडिया ने एक बड़ा दावा किया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख नरम कर लिया है। ईरानी समाचार एजेंसी Fars के मुताबिक, ट्रंप और ईरान के बीच न तो कोई सीधी बातचीत हुई और न ही अप्रत्यक्ष बातचीत हुई, जबकि ट्रंप ने हाल ही में यह संकेत दिया था कि बातचीत हो रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान की तरफ से खाड़ी देशों और इज़राइल के पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद ट्रंप ने पीछे हटने का फैसला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार यह कदम अमेरिका की ओर से तनाव को कम करने के इरादे को दर्शाता है।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में मध्य पूर्व क्षेत्र में हमारी दुश्मनी को पूरी तरह समाप्त करने के बारे में अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है। उन्होंने लिखा कि इन गहरी, डिटेल्ड और असरदार चर्चाओं के आधार पर, जो पूरे सप्ताह जारी रहेंगी, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे के खिलाफ किसी भी मिलिट्री हमले को पांच दिन के लिए टाल दें।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह टालने का निर्णय चल रही मीटिंग्स और वार्ता की सफलता पर निर्भर करेगा। उन्होंने सभी पक्षों को इस मामले पर ध्यान देने और सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मध्य पूर्व में तनाव को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि ईरानी मीडिया ने इसे ट्रंप की रणनीति के पीछे हटने के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन अमेरिका के बयान से यह साफ है कि दोनों देशों के बीच संवाद अभी जारी है और किसी बड़े संघर्ष को टालने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और दुनिया की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बीच आगामी बातचीत पर टिकी हैं।














