इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की मौजूदा सत्ता का भविष्य पूरी तरह वहां की जनता के हाथ में है और अगर शासन में बदलाव होना है तो यह फैसला भी ईरानी लोगों को ही करना होगा।

मंगलवार को नेशनल हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के दौरे के दौरान नेतन्याहू ने यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इजरायल की व्यापक इच्छा यही है कि ईरान की जनता उस व्यवस्था से मुक्त हो, जिसे उन्होंने दमनकारी शासन बताया।

नेतन्याहू ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह है कि ईरान के लोग अत्याचार और दबाव वाली व्यवस्था से आजादी पा सकें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंततः यह निर्णय ईरानी जनता के हाथ में है कि वे अपने देश में किस तरह का शासन चाहते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अब तक उठाए गए कदमों से ईरान की स्थिति पर असर पड़ा है और हालात तेजी से बदल रहे हैं। नेतन्याहू के मुताबिक अगर इजरायल और ईरान की जनता मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो क्षेत्र में स्थायी बदलाव संभव हो सकता है।

नेतन्याहू ने यह बयान स्वास्थ्य मंत्री हैम कैट्ज के साथ नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर के दौरे के दौरान दिया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक मोशे बार सिमन टोव ने उन्हें अभियान के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की गतिविधियों और तैयारियों की जानकारी दी।

वहीं दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा है कि सैन्य कार्रवाई कब खत्म होगी, इसका फैसला केवल ईरान ही करेगा।

आईआरजीसी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र की स्थिति और भविष्य अब ईरान की सैन्य रणनीति से तय होगा, न कि अमेरिका के हस्तक्षेप से। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह जनमत को प्रभावित करने के लिए भ्रामक बयान दे रहे हैं।

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