मिडिल ईस्ट में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइली फाइटर जेट्स ने ईरान के बुशहर स्थित एक गैस फैसिलिटी पर हमला किया है। इस हमले के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि वह जवाबी कार्रवाई में दुश्मन के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा।
बता दें, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपने ऑपरेशन “ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत तेल अवीव में 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। यह हमला अली लारीजानी की मौत का बदला बताया जा रहा है। IRGC के अनुसार, इस अभियान के 61वें चरण में मल्टी-वॉरहेड खोर्रमशहर-4, कद्र, इमाद और खेबर शेकन जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
IRGC का यह भी दावा है कि अब तक इस ऑपरेशन में 230 से अधिक लोग मारे गए या घायल हुए हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बीच तेहरान में अली लारीजानी और बासिज फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल घोलमरेज़ा सुलेमानी समेत कई सैन्य अधिकारियों और नौसैनिकों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे देश में शोक का माहौल है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था बेहद मजबूत है और किसी एक व्यक्ति की मौत से सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका और इज़राइल पर हमला शुरू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान ने यह युद्ध नहीं शुरू किया है।
बढ़ते संघर्ष के बीच पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी पड़ सकता है।














