ईरान ने गुरुवार को गल्फ देशों की तेल और गैस रिफाइनरियों पर प्रचंड हमला किया है। इस हमले में सबसे प्रमुख निशाना कुवैत की मीना अब्दुल्लाह रिफाइनरी और सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय ऊर्जा संकट और अधिक बढ़ गया है।

बता दें, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की है कि कुवैत की मीना अब्दुल्लाह रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया गया, जिससे रिफाइनरी के ऑपरेशनल यूनिट में आग लग गई। इससे पहले, ईरान ने कुवैत की सबसे बड़ी मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर भी हमला किया था, लेकिन इसे जल्द ही नियंत्रित कर लिया।

सऊदी अरब के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है। गुरुवार को ईरान ने सऊदी अरामको की SAMREF रिफाइनरी पर हमला किया। हालांकि, सऊदी ने इस हमले के असर को मामूली बताया, लेकिन यह ईरान के बढ़ते हमलों का संकेत है।

इस हमले के बाद तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत $118 प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने से पहले $73 प्रति बैरल से भी कम थी।

ईरान ने कतर, यूएई, सऊदी अरब और अन्य गल्फ देशों को चेतावनी दी है कि वे अपने ऊर्जा केंद्रों को खाली करें। वहीं, इज़रायल और अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है।

ईरान द्वारा गल्फ देशों की तेल और गैस रिफाइनरियों पर हमले से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया है। इन हमलों ने वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर डाला है, और स्थिति आगे और जटिल हो सकती है।

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