ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हमले में मौत के बाद युद्ध और तेज हो गया है। इजरायल ने ईरान पर किए गए हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। इजरायली सेना के अनुसार, इस हमले में ईरान के 40 से ज्यादा कमांडर मारे गए, जिनमें ईरान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ अब्दुल रहीम मोसावी भी शामिल हैं। इजरायल की सेना ने हमले में ईरान के 40 कमांडर मारने का दावा किया हैं।
इजरायल के सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह हमला ईरान के एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने पर किया गया था, जो ईरान की उच्च सैन्य कमान का केंद्र था। इस हमले में ईरान की सेना को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि इन कमांडरों का रोल ईरान के सैन्य रणनीतियों और संचालन में अहम था।
सूत्रों के अनुसार, इजरायली सेना का कहना है कि हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करना और इजरायल के खिलाफ हो रहे बढ़ते खतरे का मुकाबला करना था। इजरायल ने इस हमले को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है, जबकि ईरान ने इसे अपने आंतरिक मामलों में दखलंदाजी करार दिया है।
वहीं, चीन और रूस जैसे देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, जबकि अमेरिका ने इजरायल के कदम का समर्थन किया है। ईरान ने इस हमले का बदला लेने की भी बात कहीं है, और इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
विदेशी मीडिया के मुताबिक हमले में ईरान के अब्दुल रहीम मोसावी की भी मौत हो गई है, यह हमला ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का नया मोड़ साबित हो सकता है, जो भविष्य में और भी गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है।














