कोलकाता में आयोजित इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के एक भव्य कार्यक्रम में जाने-माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने मुख्य भाषण दिया। इस कार्यक्रम में ICC के प्रेसिडेंट बृज भूषण अग्रवाल, सरकार के प्रतिनिधि और इंडस्ट्री के तमाम सम्मानित लीडर्स मौजूद रहे। ‘सिटी ऑफ़ जॉय’ कोलकाता की तारीफ करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि इस शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा पूरे देश को प्रेरित करती है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में बंगाल के बंगाली व्यंजनों और यहाँ की बौद्धिक चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की कल्पना करने की ताकत में असाधारण योगदान रहा है।
अपने संबोधन के आगे बढ़ते हुए गौतम अडानी ने देश की आर्थिक जागृति और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर हैं जहाँ हमें अतीत को भविष्य की संभावनाओं पर हावी नहीं होने देना चाहिए। कोविड, यूक्रेन युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में भारत के पास अपनी क्षमता बढ़ाने का एक सुनहरा मौका है। हमें मांग से पहले तैयारी करनी होगी, ऊर्जा क्षमता का विस्तार करना होगा और पोर्ट, लॉजिस्टिक्स तथा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को समय से पहले मजबूत बनाना होगा।
गौतम अदाणी ने कहा कि हर पीढ़ी को एक ऐसा पल मिलता है जब इतिहास एक बड़ी खिड़की खोलता है, और इस समय सबसे बड़ा रिस्क बहुत जल्दी निर्माण करना नहीं, बल्कि बहुत देर से शुरुआत करना है। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग का हवाला देते हुए भविष्य के लिए मजबूत तैयारी करने पर जोर दिया। उनका यह संबोधन देश के औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के निर्माण और भविष्य की अर्थव्यवस्था को दिशा देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














