नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर अडानी सीमेंट ने आस्था, शक्ति और विश्वास का एक ऐसा अद्भूत उदाहरण पेश किया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मध्य प्रदेश के कटनी जिले स्थित कैमोर (Kymore) प्लांट में अडानी सीमेंट ने 15,000 सीमेंट की बोरियों का उपयोग करके माँ दुर्गा की एक विशालकाय और अलौकिक आकृति उकेरी है। सीमेंट क्षेत्र में इस तरह का ‘एरियल ट्रिब्यूट’ देने वाली अडानी सीमेंट देश की पहली और इकलौती कंपनी बन गई है।
‘जहाँ विश्वास, वहाँ शक्ति’ थीम पर आधारित इस विशेष अभियान में एसीसी (ACC) के 9 दशक पुराने भरोसे यानी ‘विश्वास’ और अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cements) की मजबूती यानी ‘शक्ति’ के विचार का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
जमीन पर देखने पर यह केवल एसीसी और अंबुजा सीमेंट की बोरियों की सलीके से की गई जमावट नजर आती है, लेकिन जैसे ही कैमरा हवा में ऊपर उठता है, ये हजारों बोरियाँ माँ दुर्गा के दसों हाथों, उनके मुकुट, तेजस्वी नेत्रों और भव्य स्वरूप में ढल जाती हैं। करीब 70 फीट × 70 फीट के कैनवास पर फैली इस कलाकृति को बनाने में 750 टन सीमेंट की 15,000 बोरियों का इस्तेमाल किया गया। इस भव्य कृति को आकार देने में स्थानीय कारीगरों और कर्मचारियों के 12,600 श्रम-घंटे (man-hours) की अटूट लगन और मेहनत लगी है।
वर्ष 1923 से सीमेंट उत्पादन के केंद्र रहे कैमोर शहर की रामलीला परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को नमन करते हुए यह डिजिटल फिल्म तैयार की गई है। जमीनी स्तर पर हाथ से बोरियाँ रखने के दृश्य से शुरू होकर आसमान से माँ दुर्गा के पूर्ण रूप के प्रकटन तक की यह यात्रा हर देखने वाले को भक्ति और आश्चर्य से भर देती है।
यह प्रयास केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के भरोसे का सम्मान है जो इन ही बोरियों के सीमेंट से अपने सपनों का आशियाना तैयार करते हैं। सामूहिक प्रयास और भक्ति की यह मिसाल साबित करती है कि जहाँ सच्चा विश्वास होता है, वहीं वास्तविक शक्ति का निवास होता है।













