Lucknow: आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। शहरों और जनपद मुख्यालयों में डॉग बाइट यानी कुत्तों के काटने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने नगर निगमों में डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है।

बता दें, इन शेल्टर होम्स और एबीसी सेंटरों की योजना के तहत आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका टीकाकरण, नसबंदी और इलाज किया जाएगा। इस तरह से कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण रखा जाएगा और डॉग बाइट की घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। जनपद मुख्यालयों में भी एबीसी सेंटर स्थापित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों दोनों में कुत्तों की सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

बता दें, प्रत्येक शेल्टर होम और एबीसी सेंटर के लिए अलग-अलग डीपीआर तैयार की गई है। अनुमानित लागत प्रति यूनिट 470 से 531 लाख रुपये के बीच है। इस परियोजना के लिए प्रयागराज, लखनऊ और अन्य नगर निगमों में जमीन भी चिन्हित की जा चुकी है। सभी गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप कार्रवाई होगी, ताकि न केवल आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित हो बल्कि उनके साथ सही तरीके से व्यवहार भी सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार की यह पहल लोगों में बढ़ते डॉग बाइट के डर को कम करने के साथ-साथ पशुओं के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में शेल्टर होम्स और एबीसी सेंटर की स्थापना शुरू हो जाएगी और नियमित निगरानी के साथ आवारा कुत्तों की संख्या पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा। इस कदम से न केवल नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि शहरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य स्थिति में भी सुधार आएगा।

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