लखनऊ: सीबीआई की विशेष अदालत ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर (CRM) कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 14.75 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला काफी पुराना और गंभीर है। 31 अक्टूबर 2009 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कृष्ण मोहन त्रिपाठी को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई ने मामले की गहराई से छानबीन शुरू की, तो अधिकारी की संपत्ति को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जांच के आगे बढ़ने पर 24 फरवरी 2010 को सीबीआई ने कृष्ण मोहन त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक नया मामला दर्ज किया। गहन पड़ताल के दौरान सीबीआई को पता चला कि आरोपी अधिकारी के पास उनकी वैध और घोषित आय के स्रोतों से 102 फीसदी अधिक संपत्ति मौजूद थी। लंबे समय तक चली अदालती कार्रवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के आधार पर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को भ्रष्टाचार का दोषी माना। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 साल की जेल और 14.75 लाख रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया।













