रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया हैं। कर्नाटक के खिलाफ खेले गए पांच दिवसीय मुकाबले में मैच भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ टीम ने 66 साल के रणजी इतिहास में नया अध्याय लिख दिया।

बता दें, इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो रहे तेज गेंदबाज आकिब नबी। उन्होंने फाइनल मुकाबले में 5 विकेट लेकर कर्नाटक की कमर तोड़ दी। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत कर्नाटक की पहली पारी महज 293 रन पर सिमट गई। पूरे सीजन में नबी का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने कुल 60 विकेट झटके। इसी प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया।

बता दें, जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 584 रन बनाए। शुभम पुंडीर ने 121 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। कप्तान पारस डोगरा ने 70 रन बनाए, जबकि अब्दुल समद (61), कन्हैया वधावन (70) और साहिल लोटरा (72) ने अहम योगदान दिया। टीम की सामूहिक बल्लेबाजी ने कर्नाटक पर दबाव बना दिया।

कर्नाटक की ओर से मयंक अग्रवाल ने 160 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। पूरी टीम 293 रन पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में बड़ी बढ़त मिल गई।

दूसरी पारी में भी जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट के नुकसान पर 342 रन बना लिए। कामरान इकबाल और साहिल लोटरा ने शतक जड़कर टीम की स्थिति और मजबूत कर दी। अंततः मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को चैंपियन घोषित किया गया।

यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। पहली बार फाइनल में पहुंची टीम ने पहली ही कोशिश में ट्रॉफी जीतकर पूरे देश को चौंका दिया।

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