लखनऊ : अलीगंज पुलिस ने एक बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से दोस्ती करते थे और फिर लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। यह गैंग लोगों को मिलने के बहाने बुलाता और फिर उन्हें धमकाकर पैसे, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लूट लेता था।

कैसे करते थे लूट?

गिरोह के सदस्य डेटिंग ऐप “ग्राइंडर” का इस्तेमाल करके लोगों से संपर्क करते थे। वे पहले पीड़ित के कमरे में एक सदस्य भेजते थे, और फिर जैसे ही पीड़ित का ध्यान भटकता, गिरोह के अन्य सदस्य फोन पर मैसेज रिसीव करके कमरे का दरवाजा खोलवाकर अंदर प्रवेश कर जाते थे। इसके बाद, वे पीड़ित का वीडियो बनाते और उसे डरा-धमकाकर कहते थे कि वह नाबालिग के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने की कोशिश कर रहा है। वे पीड़ित को धमकाकर उसे पैसे देने के लिए मजबूर करते थे, अन्यथा वीडियो वायरल कर उसे जेल भेजने की धमकी देते थे।

गिरोह के सदस्य क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन धनराशि भी ट्रांसफर करवा लेते थे। इसके अलावा, उन्होंने पीड़ितों से नकदी, मोबाइल और अन्य सामान लूटा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि लगभग दो सप्ताह पहले भी एक अन्य व्यक्ति के साथ इसी तरह की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें उन्होंने नकदी, हार्ड डिस्क और अन्य सामान लूटने के साथ-साथ ऑनलाइन धनराशि भी ट्रांसफर कराई थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान खालिद अहमद (23), देवकरण सिंह (23), आकाश पांडे (21), सुभाष रावत (21) और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करके गैंग के अन्य वांछित सदस्य की तलाश शुरू कर दी है, जो वर्तमान में फरार हैं।अलीगंज पुलिस ने इस गैंग को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है और अब आरोपियों के अन्य कृत्यों की जांच की जा रही है।

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